उत्तराखंड:एसआईआर के तहत अधिकारियों और विधायकों समेत 20.27 लाख मतदाताओं को नोटिस दिए गए
संतोष
- 07 Aug 2026, 02:42 PM
- Updated: 02:42 PM
देहरादून, सात अगस्त (भाषा) उत्तराखंड में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत अब तक अधिकारियों और विधायकों समेत कुल 20.27 लाख मतदाताओं को नोटिस दिए गए हैं।
इस व्यापक अभियान की जद में आम मतदाताओं के साथ-साथ राज्य के शीर्ष अधिकारी और वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियां भी आ गई हैं।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने कहा कि एसआईआर के तहत 24.30 लाख नोटिस तैयार किए गए, जिनमें से 20.27 लाख नोटिस मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। यह राज्य के 71.33 लाख मतदाताओं का लगभग 34 प्रतिशत है।
नोटिस पाने वालों में स्वयं सीईओ डॉ. पुरुषोत्तम, कुमाऊं के आयुक्त दीपक रावत, भाजपा विधायक सरिता आर्य, उमेश शर्मा, सविता कपूर, कांग्रेस विधायक भुवन चंद्र कापड़ी तथा नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, डॉ. पुरुषोत्तम को भी नाम में विसंगति के कारण नोटिस प्राप्त हुआ था जिसके बाद उन्होंने संबंधित बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) को आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए हैं।
डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि नोटिसों से मतदाताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि नाम, पता या अन्य विवरणों में विसंगतियों को दूर करने के लिए नोटिस जारी करना निर्वाचन आयोग की नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और मतदाता निर्धारित दस्तावेज बीएलओ को उपलब्ध कराकर अपने रिकॉर्ड में दर्ज त्रुटियों में आसानी से सुधार करा सकते हैं।
सीईओ ने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है।
एसआईआर के तहत नोटिस पाने वाले कुमाऊं के आयुक्त दीपक रावत ने भी इसे सामान्य प्रक्रिया बताया और कहा कि उन्होंने इस संबंध में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं।
नैनीताल से विधायक सरिता आर्य ने बताया कि उन्हें तथा उनके छोटे बेटे को निवास की जगह में बदलाव के कारण एसआईआर के तहत नोटिस मिला था। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संबंध में जरूरी दस्तावेज जमा करा दिए हैं।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार अधिकांश नोटिस नाम की वर्तनी, अधूरे विवरण, उपनाम में बदलाव या पुराने पते जैसी विसंगतियों के कारण जारी किए गए हैं।
दीपक रावत को वर्ष 2003 की मतदाता सूची में पूरा नाम दर्ज नहीं होने के कारण नोटिस मिला, जबकि रायपुर के विधायक उमेश शर्मा के रिकॉर्ड में 'काऊ' उपनाम जुड़ने के कारण सत्यापन नोटिस जारी हुआ ।
सीईओ ने बताया कि 14 जुलाई से 5 अगस्त के बीच आयोग को प्रपत्र-छह के तहत 57 हजार नए पंजीकरण आवेदन, प्रपत्र-7 के तहत 22,668 आपत्तियां एवं नाम विलोपन संबंधी आवेदन तथा प्रपत्र-8 के तहत 26,145 संशोधन आवेदन प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि एसआईआर अभियान की नियमित समीक्षा के लिए राजनीतिक दलों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं।
इस बीच प्रदेश कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के खिलाफ बड़ी संख्या में ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, जिसके आधार पर पात्र मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं और उन्हें अनावश्यक परेशान किया जा रहा है।
भाषा दीप्ति
रंजन संतोष
संतोष
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