गुप्ता ने आईसीसीसी का उद्धाटन किया, 700 से अधिक निर्माण स्थलों की होगी निगरानी
Daily world
- 01 Oct 2026, 07:33 PM
- Updated: 07:33 PM
नयी दिल्ली, एक अक्टूबर (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शास्त्री पार्क स्थित डीएमआरसी आईटी पार्क में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) का बृहस्पतिवार को उद्घाटन किया जहां से एआई और सीसीटीवी कैमरों से 700 से अधिक निर्माण स्थलों 24 घंटे निगरानी की जा सकेगी।
गुप्ता ने कहा कि आईसीसीसी के माध्यम से प्रदूषण 'हॉटस्पॉट', नियमों के उल्लंघन और प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों की पहचान तेजी से की जा सकेगी तथा संबंधित विभागों तक इसकी जानकारी पहुंचाकर मौके पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि प्रदूषण के स्रोत की निगरानी से लेकर कार्रवाई तक, कम समय में बेहतर समन्वय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
गुप्ता ने कहा, "दिल्ली की स्वच्छ हवा, हर परिवार के स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसलिए 365 दिन, 24×7 हमारी सरकार प्रदूषण के हर स्रोत पर पूरी शक्ति से काम कर रही है।"
"सेवा संकल्प अभियान' के तहत इस आईसीसीसी का उद्घाटन उत्तर पूर्वी दिल्ली में शास्त्री पार्क स्थित दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के सूचना एवं प्रद्यौगिकी (आईटी) पार्क में किया गया है।
गुप्ता ने कहा कि इस पूरी व्यवस्था का मूल मंत्र समस्या की पहचान, उसका विश्लेषण, तत्काल कार्रवाई और कार्रवाई के परिणाम का सत्यापन है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा कि आईसीसीसी से प्राप्त वास्तविक समय की जानकारी को क्षेत्र स्तर की कार्रवाई से सीधे जोड़ा जाएगा और प्रदूषण 'हॉटस्पॉट' की पहचान के बाद संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए अलर्ट किया जा सकेगा और जीपीएस आधारित वाहनों के माध्यम से टीम की गतिविधियों की निगरानी भी की जाएगी।
इसमें कहा गया है कि इस वर्ष सर्दियों के दौरान 78 उपमंडल स्तर की टीम केंद्र के माध्यम से निगरानी एवं प्रवर्तन कार्यों में जुटेंगी।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए 24x7 अत्याधुनिक आईसीसीसी बनाया गया किया गया है, जिसे छह माह के निर्धारित लक्ष्य से पहले तैयार कर लिया गया है और यह सर्दियों में 'वॉर रूम' के रूप में काम करेगा।
उन्होंने कहा कि 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र वाले 700 से ज्यादा निर्माण स्थलों की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सीसीटीवी से लाइव निगरानी की जा रही है तथा पीएम10 बढ़ने पर संबंधित विभाग और स्थल मालिक को तत्काल सूचना दी जाएगी।
सिरसा ने कहा, "आईसीसीसी से दिल्ली के सभी एक्यूआई स्टेशनों, पिछले वर्षों के डेटा, स्थानीय प्रदूषण कारणों और रोड स्वीपिंग मशीनों की लोकेशन, मार्ग व संचालन की निगरानी होगी। नए कैमरों से खुले में कचरा और बायोमास जलाने पर नजर रखी जाएगी, जबकि उद्योगों व प्रदूषणकारी स्थलों के निरीक्षण पर जाने वाले डीपीसीसी अधिकारियों के लिए 'बॉडी कैमरा' अनिवार्य किए गए हैं, जिससे कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।"
भाषा नोमान नोमान रंजन
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