राहुल ने बालाघाट में मृत बच्चों के परिजनों से की मुलाकात, भाजपा सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप
Daily world
- 01 Oct 2026, 07:28 PM
- Updated: 07:28 PM
बालाघाट, एक अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में पिछले कुछ महीनों में संदिग्ध संक्रामक बीमारियों से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से बृहस्पतिवार को मुलाकात की और आरोप लगाया कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार गंभीर बीमारियों तथा कुपोषण से निपटने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी इस देश के मूल निवासी हैं तथा दावा किया कि प्रदेश सरकार आदिवासी बहुल इलाकों में लोगों की जान बचाने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में बुरी तरह विफल रही है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पड़ोसी महाराष्ट्र के गोंदिया से सड़क मार्ग से बालाघाट के बिरसा विकासखंड के विभिन्न स्थानों पर पहुंचे। उन्होंने करीब एक घंटे तक बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात की, जिनमें वे परिवार भी शामिल थे जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। राहुल ने उनकी समस्याएं धैर्यपूर्वक सुनीं।
कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी के दौरे के दौरान उनसे मिलने के लिए आसपास के गांवों से 1,200 से अधिक लोग एकत्र हुए।
जगला गांव पहुंचने से पहले राहुल ने माटे गांव के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया, बच्चों से बातचीत की और उनसे पूछा कि उन्हें मध्याह्न भोजन में क्या दिया जा रहा है।
जगला में संवाददाताओं से बातचीत में राहुल ने कहा कि आदिवासी इलाकों में बच्चों की मौत बीमारियों और कुपोषण के कारण हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोगों को पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और रोजगार संबंधी सहायता उपलब्ध कराने में विफल रही है।
रायबरेली से लोकसभा सदस्य राहुल ने कहा कि यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिन बच्चों की मौत हुई है, उनके परिवारों को सरकार से पूरा मुआवजा नहीं मिला है और कई परिवार अब भी आर्थिक सहायता का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि सरकार आदिवासी बहुल क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं सुनिश्चित करे, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (अब विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण) के तहत काम फिर शुरू करे और पात्र आदिवासी परिवारों को भूमि का अधिकार देने के लिए वन अधिकार अधिनियम लागू करे।
राहुल ने कहा, ''हम उन्हें आदिवासी मानते हैं, वनवासी नहीं। वे इस देश के मूल निवासी हैं।''
उन्होंने कहा कि अगर मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो वह आदिवासी समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और रोजगार के क्षेत्र में सहायता सुनिश्चित करेगी। राज्य में विधानसभा चुनाव 2028 के अंत में होने हैं।
जगला में राहुल ने मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात की और यह समझने की कोशिश की कि वे किन परिस्थितियों में बीमार पड़े और उनकी मौत कैसे हुई।
पिछले कुछ महीनों में जिले में कम से कम 32 आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। इनमें मलेरिया, खसरा, कुपोषण और स्वास्थ्य संबंधी अन्य जटिलताओं को मौत के कारणों में शामिल बताया गया है।
मुख्य रूप से बैगा बहुल दूरदराज की बस्तियों वाले बिरसा और बैहर विकासखंडों में हुई इन मौतों ने स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने बच्चों की मौत से संबंधित एक याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 13 सितंबर को मृत बच्चों के परिवारों से मुलाकात की थी। वायरल वीडियो में दावा किया गया कि इस दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जैसे दिखने वाले लोगों के एक समूह ने उनका विरोध किया था।
राहुल का यह दौरा आदिवासी बहुल क्षेत्र में बच्चों की मौत और स्वास्थ्य सेवाओं तथा बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर कांग्रेस और भाजपा सरकार के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुआ है।
भाषा