राजस्थान: काम से हटाए गए नर्सिंगकर्मी ने आत्महत्या की, गहलोत ने साधा सरकार पर निशाना
जितेंद्र
- 12 Jun 2026, 07:56 PM
- Updated: 07:56 PM
जयपुर, 12 जून (भाषा) राजस्थान के जयपुर में संविदा पर काम करने वाले एक नर्सिंगकर्मी ने काम से हटाए जाने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और इस विषय को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया।
अधिकारियों के अनुसार, युवक की पहचान दीपक खारवाल (25) के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि दीपक, सांगानेरी गेट के पास जनाना अस्पताल में कार्यरत था और एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों से हाल ही में हटाए गए संविदा कर्मचारियों में शामिल था।
साथी कर्मचारियों के अनुसार, संविदा कर्मचारी काम से हटाए जाने के विरोध में पिछले दो-तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे और शुक्रवार सुबह वे एसएमएस मेडिकल कालेज परिसर में प्रदर्शन कर रहे थे, जहां दीपक भी मौजूद था।
उन्होंने बताया कि इसके कुछ ही देर बाद वह अपने कमरे में गया, जहां उसने कथित तौर पर जहर खा लिया।
कर्मचारियों ने बताया कि जब वे दीपक से मिलने गए तो दरवाजा अंदर से बंद था और कई बार आवाज देने पर भी उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि जब वे कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए तो दीपक बेहोश मिला।
अधिकारियों ने बताया कि उसे तुरंत एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद नर्सिंग कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया, जिससे अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं लगभग आधे घंटे तक बाधित रहीं।
पुलिस ने बाद में मामले में दखल दिया और सेवा बहाल हुई।
विधायक रफीक खान और अमीन कागजी सहित कांग्रेस के कई नेताओं ने अस्पताल का दौरा किया।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफा, काम से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
वहीं गहलोत ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की असंवेदनशीलता युवाओं पर भारी पड़ रही है और प्रदेश सरकार पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए 'संविदा सेवा भर्ती नियम' को भी लागू नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा, "अगर राज्य सरकार इस विषय को गंभीरता से लेती तो दीपक की जान बच सकती थी।"
भाषा पृथ्वी जितेंद्र
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1206 1956 जयपुर