नदियों में प्रदूषण से निपटने के लिए राजस्थान को एकीकृत समन्वय समूह गठित करने का निर्देश
दिलीप
- 07 Aug 2026, 08:27 PM
- Updated: 08:27 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान की जोजरी, बांडी और लूणी नदियों में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एक हफ़्ते के अंदर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एकीकृत समन्वय समूह (आईसीजी) का गठन करने का शुक्रवार को निर्देश दिया।
शीर्ष अदालत जोजरी नदी में प्रदूषण से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही है और उसने बांडी तथा लूणी नदियों में प्रदूषण के मुद्दे का भी उल्लेख किया है।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि मुख्य सचिव राज्य के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस समूह में शामिल कर सकते हैं, जिनमें पर्यावरण, वन, जल संसाधन और उद्योग विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।
अदालत ने कहा कि आईसीजी को पूर्व में गठित उच्चस्तरीय पारिस्थितिकी निगरानी समिति के साथ वर्तमान आदेश में उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श करना होगा, ताकि उपायों को लागू करने के लिए एकीकृत, समन्वित और समयबद्ध ढांचा तैयार किया जा सके।
जोजरी नदी जोधपुर से होकर गुजरती है, जबकि बांडी नदी पाली से होकर बहती है और लूणी नदी बालोतरा से होकर गुजरती है। बांडी और जोजरी नदियां बालोतरा शहर के पास लूणी नदी में मिल जाती हैं।
न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि रिपोर्ट से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि नदी पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जल स्रोत प्रदूषित हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि उद्योगों से अवैध रूप से अपशिष्ट छोड़ा गया है, भूमि उपयोग नियमों में कमियां हैं, वन्यजीवों के रहवासों के संरक्षण से जुड़ी चुनौतियां हैं और प्रभावित पर्यावरण को बहाल करने की जरूरत है।
पीठ ने कहा, ''उपरोक्त विचार-विमर्श की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, एकीकृत समन्वय समूह समिति के परामर्श से पर्यावरण क्षरण की रोकथाम, प्रदूषण नियंत्रण, पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली, नदी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण, भूजल संसाधनों, जैव विविधता के संरक्षण और नदी घाटी प्रबंधन से जुड़े संस्थागत ढांचे को मजबूत करने के लिए एक व्यापक पुनर्बहाली योजना तैयार करेगा।''
पीठ ने कहा, ''योजना में कार्रवाई के बिंदुओं, उनके क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण, कार्यान्वयन की रूपरेखा, लक्ष्य और प्रत्येक घटक को पूरा करने के लिए निश्चित समयसीमा का स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए।''
शीर्ष अदालत ने कहा कि आईसीजी राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता और समग्र निगरानी में काम करेगा। मुख्य सचिव समय-समय पर पुनर्बहाली योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करेंगे।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप
0708 2027 दिल्ली