राज्यसभा में उठा मॉल में कार्यरत महिलाओं की समस्याओं का मुद्दा
रमण
- 06 Aug 2026, 10:31 PM
- Updated: 10:31 PM
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को बीजू जनता दल (बीजद) की एक सदस्य ने मॉल एवं बड़े वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत युवतियों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि अधिकांश स्थानों पर बैठने या विश्राम की उचित व्यवस्था नहीं होती जिससे उन्हें कम उम्र में ही गंभीर बीमाारियों का सामना करना पड़ रहा है।
बीजद सदस्य सुलता देव ने विशेष उल्लेख के जरिए यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ''ऐसे प्रतिष्ठानों में कार्यरत युवतियों को प्रतिदिन 8-10 घंटे तक लगातार खड़े होकर काम करना पड़ता है। अधिकांश स्थानों पर बैठने या विश्राम की उचित व्यवस्था नहीं होती है।''
सुलता देव ने कहा, ''इस कारण कम उम्र में ही उन्हें कमर दर्द, थकान, पैरों में सूजन तथा सर्वाइकल जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, कई स्थानों पर स्वच्छ 'रेस्ट रूम', सुरक्षित विश्राम स्थल और नियमित ब्रेक की सुविधा का अभाव है।''
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मॉल एवं 'रिटेल' क्षेत्र में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए अनिवार्य रूप से बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ रेस्ट रूम, सुरक्षित विश्राम स्थल, नियमित ब्रेक और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
विशेष उल्लेख के जरिए ही भाजपा की धर्मशीला गुप्ता ने बिहार में बाढ़ की गंभीर समस्या का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि बिहार की कोसी, गंडक, बागमती, कमला बलान, अधवारा समूह की नदियां तथा गंगा सहित अनेक नदियां प्रतिवर्ष मानसून के दौरान उफान पर आ जाती हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से ज्यादातर नदियों का उद्गम नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में होने के कारण वहां होने वाली भारी वर्षा का सीधा प्रभाव बिहार पर पड़ता है।
भाजपा सदस्य ने कहा कि सीमापार जल प्रवाह, अत्यधिक गाद का जमाव, नदी तल का ऊंचा होना तथा जल निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था बाढ़ की समस्या को और अधिक गंभीर बना देती है। उत्तर बिहार के कई जिलों के लाखों लोग हर वर्ष बाढ़ की त्रासदी का सामना सामना करते हैं।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर नदी कटाव इतनी तेजी से होता है कि लोगों की पुश्तैनी भूमि, मकान, विद्यालय, सड़कें और सार्वजनिक संपत्तियां देखते ही देखते नदी में समा जाती हैं। उन्होंने सरकार से इस समस्या पर गौर करने की मांग की।
भाजपा की ही कल्पना सैनी ने प्रधानमंत्री राहत कोष की तर्ज पर स्वैच्छिक राष्ट्रीय रक्षा योगदान कोष स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, ''हमारे देश में दान की समृद्ध परंपरा रही है। लोग धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों के लिए स्वेच्छा से योगदान देते हैं।''
उन्होंने कहा, ''इसी भावना को राष्ट्रहित से जोड़ते हुए मेरा सुझाव है कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री राहत कोष की तर्ज पर स्वैच्छिक राष्ट्रीय रक्षा योगदान कोष स्थापित करे, जिसमें देश का कोई भी नागरिक अपनी इच्छा से योगदान दे सके। इस कोष की राशि का उपयोग केवल रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण, अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों, स्वदेशी रक्षा उत्पादन तथा रक्षा अनुसंधान के लिए किया जाए।''
भाजपा सदस्य नरेश बंसल ने देहरादून-ऋषिकेश-हरिद्वार से श्री सोमनाथ मंदिर, पुष्कर तीर्थ, खाटू श्याम जी, माउंट आबू आदि स्थानों के लिए स्पेशल व आम श्रेणी की ट्रेन चलाए जाने की मांग की।
मनोनीत सी. सदानंदन मास्टर ने केरल की एक युवा एमबीबीएस छात्रा की उज्बेकिस्तान में कथित हत्या का मुद्दा उठाया। वहीं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के येरम वेंकट सुब्बारेड्डी ने आंध्र प्रदेश के तंबाकू किसानों से जुड़ा मुद्दा उठाया।
राजद सदस्य मनोज कुमार झा ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के कार्यान्वयन से प्रभावित आदिवासी समुदायों, विशेष रूप से गोंड और कोल जनजातियों द्वारा व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
आप के संजय सिंह, अन्नाद्रमुक के एम धनपाल, भाजपा के शंभुशरण पटेल, कणाद पुरकायस्थ, समिक भट्टाचार्य सहित कई अन्य सदस्य सदस्यों ने भी विशेष उल्लेख के जरिए लोक महत्व से जुड़े अपने मुद्दे उठाए।
भाषा अविनाश रमण
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