केरल में भारी बारिश से छह लोगों की मौत, बचाव अभियान जारी
माधव
- 01 Aug 2026, 10:06 PM
- Updated: 10:06 PM
तिरुवनंतपुरम (केरल), एक अगस्त (भाषा) केरल के कई हिस्सों में शनिवार को भारी बारिश हुई, जिससे भूस्खलन हुआ, निचले इलाकों में पानी भर गया और नदियों व बांधों का जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर बचाव और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान शुरू करना पड़ा।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में छह लोगों की मौत हुई है।
बयान में कहा गया कि इडुक्की और कोट्टायम जिलों में हुए अलग-अलग भूस्खलनों में चार लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं, पुलिस, तटरक्षक बल, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मदद से छह लापता लोगों की तलाश जारी है।
राज्यभर में 65 राहत शिविर खोले गए हैं, जहां 1,465 लोगों को आश्रय दिया गया है।
मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने बताया कि बारिश से जुड़ी घटनाओं में 17 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 127 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
इडुक्की जिले में भूस्खलन की दो अलग-अलग घटनाओं में लोगों की मौत हुई।
मृतका की पहचान इडुक्की जिले के कुदयाथूर के पास अदूरमाला निवासी सुमाथी (65) के रूप में हुई।
अधिकारियों ने बताया कि उनके पति रवि और बेटे रतीश को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक अन्य घटना में वैकोम निवासी 77 वर्षीय प्रभाकरण नायर की मौत हो गई। इडुक्की जिले के वागामोन क्षेत्र में उनके रिश्तेदार के घर पर भूस्खलन हुआ था।
कोट्टायम जिले के पूंजार स्थित पय्यनिथोट्टम में हुए भूस्खलन में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसकी मां मलबे में दब गईं।
अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान जॉनी के बेटे जोसेफिन के रूप में हुई है और उसकी मां रेजिना जॉनी (46) मलबे में फंसी हुई थीं।
भूस्खलन और बाढ़ के बाद, सतीशन ने बारिश से प्रभावित जिलों के प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में बचाव व राहत कार्यों का समन्वय करें, क्योंकि राज्य भर में भारी बारिश जारी थी।
उन्होंने मंत्रियों और जिलाधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की।
इडुक्की जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन और बाढ़ आई।
उप्पुथारा में भूस्खलन के कारण खड़ी पुलिस जीप क्षतिग्रस्त हो गई। भारी बारिश से कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ।
कोच्चि-धनुष्कोडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर चेय्यापारा के पास भूस्खलन के बाद वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
वंडिपेरियार में चट्टुपारा नाले का जलस्तर बढ़ने से राष्ट्रीय राजमार्ग-183 पर जलभराव हो गया।
पड़ोसी कोट्टायम जिले में भारी बारिश के कारण एराट्टुपेट्टा, कांजीरापल्ली, कूट्टिकल, एरुमेली और पाला क्षेत्रों में व्यापक बाढ़ आ गई। इससे रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में पानी भर गया, यातायात बाधित हुआ और बचाव अभियान चलाना पड़ा।
टीकोय गांव में भूस्खलन से चार मकान क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि सभी निवासी सुरक्षित बच गए।
कोट्टायम के पाला में एक मुर्गी फार्म में बाढ़ का पानी घुसने से लगभग 2,500 मुर्गियों की मौत हो गई।
पथनमथिट्टा जिले के पहाड़ी इलाकों में भी कई स्थानों पर भूस्खलन की खबरें मिलीं।
रन्नी से विधायक पझाकुलम मधु ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि रन्नी और आसपास के इलाकों में भारी बाढ़ आई है।
दुकानों और घरों में पानी भरने के बाद लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया।
मध्य केरल के जिलों के अलावा एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझिकोड, मलप्पुरम, कन्नूर, कासरगोड और पलक्कड़ जिलों में भी बाढ़ और छोटे भूस्खलनों की घटनाएं सामने आईं।
कोझिकोड के एंगापुझा शहर में भारी बारिश के बाद नदी का पानी घुस गया और पूरा इलाका जलमग्न हो गया।
अधिकारियों के अनुसार, कोझिकोड और कन्नूर के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी भूस्खलन हुए हैं।
राजस्व मंत्री ए पी अनिल कुमार ने कहा कि सरकार भूस्खलन, बाढ़ और बारिश से जुड़ी अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा, "हमने जरूरत के हिसाब से राहत शिविर पहले ही खोल दिए हैं। भले ही बारिश की तीव्रता कम हो जाए, फिर भी एहतियात के तौर पर अधिक जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को शिविरों में भेजा जाएगा।"
जलस्तर बढ़ने के बाद तिरुवनंतपुरम, पथनमथिट्टा, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर और कन्नूर जिलों के बांधों के गेट खोले गए।
अधिकारियों ने बताया कि समुद्र के पानी के घुसने से एर्नाकुलम, अलाप्पुझा, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के तटीय इलाके प्रभावित हुए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पथनमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताते हुए 'रेड अलर्ट' जारी किया था।
एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया था।
भाषा शुभम माधव
माधव
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