कर्नाटक सरकार रविवार से 74,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी
दिलीप
- 01 Aug 2026, 07:57 PM
- Updated: 07:57 PM
बेंगलुरु, एक अगस्त (भाषा) कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियंक खरगे ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार रविवार से 74,000 सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी।
खरगे ने कहा कि सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा प्रश्नपत्र लीक और भर्ती में अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित और प्रशासनिक उपायों की एक श्रृंखला लागू की है।
प्रियंक ने बताया कि इन उपायों को मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई साढ़े तीन घंटे लंबी समीक्षा बैठक में अंतिम रूप दिया गया।
उन्होंने बताया कि बैठक में उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (केईए), कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, "वित्त विभाग पहले ही 74,000 पदों पर भर्ती के लिए सहमति दे चुका है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने जो वादा किया था, उसके अनुरूप भर्ती प्रक्रिया इस रविवार से शुरू होगी।"
उन्होंने बताया कि अगले छह महीनों में 36,773 पदों के लिए अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी और लगभग 35 लाख अभ्यर्थियों के आवेदन करने की उम्मीद है।
मंत्री ने कहा कि ये कदम नीट और अन्य भर्ती परीक्षाओं में सामने आए विवादों जैसी स्थिति को रोकने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, आयुक्तों और अन्य अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने 1:10 के न्यूनतम अनुपात वाला यादृच्छिक प्रश्न बैंक, प्रश्नपत्रों की पांच परत वाली छेड़छाड़-रोधी पैकेजिंग, कर्नाटक से बाहर उच्च सुरक्षा वाली छपाई और एक बार लॉक होने वाले ऐसे सुरक्षा ट्रंक की व्यवस्था की है, जो बिना अनुमति खोले जाने पर स्वतः चेतावनी जारी करेंगे।
प्रियंक ने कहा कि पहले केवल परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाते थे, लेकिन अब हर परीक्षा कक्ष में जैमर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि साथ ही, एक ही कक्ष में बैठे अभ्यर्थियों को प्रश्नों और उत्तर विकल्पों का अलग-अलग क्रम दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हेराफेरी रोकने के लिए प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर ओएमआर शीट केईए की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएंगी, यहां तक कि मूल्यांकन शुरू होने से पहले ही ताकि अभ्यर्थी उनका सत्यापन कर सकें।
मंत्री ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते गठित किए गए हैं और परीक्षा से 24 घंटे पहले केंद्रों को सुरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, सीसीटीवी निगरानी, परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा, ओएमआर शीट का सुरक्षित परिवहन तथा पुलिस एवं जिला अधिकारियों के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी लागू की गई है।
उन्होंने कहा कि व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, बिटचैट और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया मंचों पर अफवाहों और प्रश्नपत्र लीक की कोशिशों पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि साथ ही, पहले के परीक्षा घोटालों के आरोपियों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
प्रियंक ने कहा कि कोचिंग सेंटर और प्रशिक्षण संस्थानों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना नहीं देने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रवेश पत्रों के माध्यम से अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में ले जाने योग्य वस्तुओं की जानकारी दी गई है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पुस्तकें और कैलकुलेटर प्रतिबंधित रहेंगे।
उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतीक या विशेष पोशाक पहनने वाले अभ्यर्थियों को अनिवार्य तलाशी के बाद प्रवेश दिया जाएगा और उन्हें परीक्षा शुरू होने से ढाई घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
प्रियंक ने कहा, "हमारी जिम्मेदारी अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना है। किसी एक अधिकारी या अभ्यर्थी की छोटी-सी चूक भी पूरे परीक्षा केंद्र की व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है और हजारों मेहनती छात्रों का भविष्य दांव पर लगा सकती है।"
उन्होंने अभ्यर्थियों, अभिभावकों और मीडिया से अपील की कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी का संदेह हो तो 112 या भर्ती नियंत्रण कक्ष के नंबर पर इसकी सूचना दें।
केपीएससी को लेकर उठ रही चिंताओं पर प्रियंक ने कहा कि मौजूदा भर्ती चक्र में आयोग केवल 906 पदों पर भर्ती कर रहा है और इस स्तर पर प्रक्रिया वापस लेने से जटिलताएं पैदा होंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य की भर्ती प्रणाली और केपीएससी के कामकाज में व्यापक सुधारों की सिफारिश के लिए एस. वी. भास्कर और रंगनाथ की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है।
प्रियंक ने कहा, "युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना हमारी प्रतिबद्धता है। उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। जनता ने हमें इसी उद्देश्य से चुना है और हम अपना यह वादा पूरा करेंगे।"
भाषा अमित दिलीप
दिलीप
0108 1957 बेंगलुरु