कुलगाम आतंकी हमला: उपमुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की, केंद्र के सुरक्षा दावों पर उठाए सवाल
पवनेश
- 01 Aug 2026, 06:00 PM
- Updated: 06:00 PM
जम्मू, एक अगस्त (भाषा) जम्मू कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत के एक दिन बाद उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शनिवार को केंद्र शासित प्रदेश में केंद्र सरकार के सुरक्षा संबंधी दावों पर सवाल उठाए।
चौधरी ने अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद लागू किए गए सुरक्षा ढांचे की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए निर्दोष लोगों की हत्याओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने यह मांग ऐसे समय की जब सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 20 जुलाई को नयी दिल्ली में जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोग आतंकवादी हमलों की निंदा करते-करते "थक चुके हैं" और तीन दशक से अधिक समय से जारी आतंकवाद का अंत चाहते हैं।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, "जम्मू कश्मीर पिछले 37 साल से आतंकवाद से जूझ रहा है। केंद्र ने आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा करने के वादे के साथ इस क्षेत्र का राज्य का दर्जा समाप्त किया, लद्दाख को अलग किया और अनुच्छेद 370 को निरस्त किया। छह साल बाद भी अगर निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं, तो केंद्र को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उसका यह प्रयोग विफल हो गया है।"
उन्होंने कहा कि हाल में हुई हत्याएं (22 जुलाई को अनंतनाग में एक पुलिसकर्मी और 31 जुलाई को कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या) नेशनल कॉन्फ्रेंस के दिल्ली के जंतर-मंतर पर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन के बाद हुई हैं।
चौधरी ने कहा, "हमें यह बताने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है कि कुछ दिन पहले ही हमने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान या कहीं और कोई इस मांग से नाखुश है।"
उन्होंने दावा किया कि जब भी जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग जोर पकड़ती है, तब एक बड़ी आतंकवादी घटना हो जाती है और यह मुद्दा पीछे चला जाता है।
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आतंकवादी हमलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की, ताकि क्षेत्र में शांति भंग करने वालों की पहचान हो सके।
उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों द्वारा बार-बार किए जाने वाले उन दावों पर भी सवाल उठाया कि जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य हो गए हैं।
उन्होंने कहा, "अगर आतंकवाद को कुचल दिया गया है तो ये आतंकवादी कहां से आ रहे हैं? ये हत्याएं क्यों जारी हैं?"
इस बीच, जम्मू कश्मीर के जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने भी कुलगाम में दो श्रमिकों की हत्या की कड़ी निंदा की और पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
राणा ने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो लोग अपनी आजीविका कमाने और कश्मीर के विकास में योगदान देने के लिए यहां आए थे, उनकी हत्या कर दी गई। हमें इस घटना पर गहरा अफसोस है।"
भाषा
शुभम पवनेश
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