अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी से राज्य के मुद्दे संसद में उठाने का आग्रह किया
माधव
- 01 Aug 2026, 04:55 PM
- Updated: 04:55 PM
ईटानगर, एक अगस्त (भाषा) कांग्रेस की अरुणाचल प्रदेश इकाई ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से राज्य से जुड़े चार प्रमुख मुद्दों को संसद में उठाने का आग्रह किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार इन मुद्दों का समाधान करने में विफल रही है।
शनिवार को जारी एक बयान के अनुसार, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष बोसिराम सिराम ने नयी दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की समीक्षा बैठक के दौरान पार्टी नेतृत्व को एक ज्ञापन सौंपकर ये मांगें रखीं।
प्रदेश कांग्रेस ने संविधान के अनुच्छेद 371(एच) में संशोधन कर इसे नगालैंड पर लागू अनुच्छेद 371(ए) और मिजोरम पर लागू अनुच्छेद 371(जी) के समान बनाने की मांग की। पार्टी का कहना है कि मौजूदा प्रावधान राज्य की भूमि, पारंपरिक कानूनों और प्राकृतिक संसाधनों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं करते हैं।
प्रदेश इकाई ने कहा कि छठी अनुसूची की तर्ज पर अधिक मजबूत संवैधानिक सुरक्षा प्रावधान किए जाने चाहिए, ताकि जनजातीय स्वशासन को मजबूत किया जा सके और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।
राज्य कांग्रेस ने प्रस्तावित सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना (एसयूएमपी) का भी विरोध किया। पार्टी का आरोप है कि भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील इस क्षेत्र में बनने वाला यह विशाल बांध बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय नुकसान का कारण बन सकता है।
पार्टी ने दावा किया कि इस परियोजना से दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं तथा केकार मोन्यिंग जैसे पैतृक भूमि और विरासत स्थलों के जलमग्न होने का खतरा है। कांग्रेस ने कहा कि चीन द्वारा नदी की ऊपरी धारा में की जा रही गतिविधियों से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देकर स्थानीय आदिवासी समुदायों की सहमति के अधिकार की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। किसी भी परियोजना को शुरू करने से पहले प्रभावित आदिवासी समुदायों को पूरी जानकारी दी जाए और उनकी स्वतंत्र तथा पूर्व सहमति प्राप्त की जाए।
ज्ञापन में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चीन की गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर ''चयनात्मक राष्ट्रवाद'' अपनाने का आरोप लगाया और सीमा की स्थिति पर केंद्र सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
राज्य कांग्रेस ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने की भी मांग दोहराई। पार्टी ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इससे सरकारी कर्मचारी आर्थिक रूप से असुरक्षित हो जाते हैं।
सिराम ने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे इन सभी मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाएं। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को केवल प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि आदिवासी समुदायों की मातृभूमि के रूप में देखा जाना चाहिए।
भाषा गोला माधव
माधव
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