एफसीआरए मामले में सतीशन के खिलाफ सबूत नहीं, सतर्कता विभाग ने जांच बंद की : चेन्निथला
पवनेश
- 30 Jul 2026, 05:25 PM
- Updated: 05:25 PM
तिरुवनंतपुरम, 30 जुलाई (भाषा) केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बृहस्पतिवार को कहा कि सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (वीएसीबी) को पुनर्जनी बाढ़ पुनर्वास परियोजना को लेकर लगे आरोपों में मौजूदा मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है और इसकी जांच को बंद करने का फैसला किया गया है।
चेन्निथला ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सतर्कता विभाग की जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे सतीश का संबंध विदेश अंशदान (विनियमन) अधिनियम के कथित उल्लंघन या परियोजना में किसी अन्य अनियमितता से जोड़ा जा सके। यह परियोजना सतीशन के परावुर निर्वाचन क्षेत्र में 2018 की बाढ़ से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए शुरू की गई थी।
गृहमंत्री ने कहा, ''जांच में पाया गया है कि सतीशन किसी भी वित्तीय लेनदेन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं थे और न ही जांच में उनके खिलाफ कोई सबूत मिला है।''
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद सतीशन को क्लीन चिट दिए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए चेन्निथला ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से सतर्कता जांच के नतीजों और वीएसीबी निदेशक द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।
मंत्री ने कहा कि जांच से यह साबित हुआ है कि सतीशन मामला दर्ज करने के समय नेता प्रतिपक्ष थे और उनका इस परियोजना से जुड़े किसी भी वित्तीय लेन-देन से कोई संबंध नहीं था और सभी लेन-देन मनापट्टू फाउंडेशन के खातों के जरिए किए गए थे।
चेन्निथला ने कहा, ''जांच में सामने आया कि सतीशन ने 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' के संबंधित प्रावधानों के तहत कोई अपराध नहीं किया था। किसी भी अपराध या कदाचार का कोई सबूत नहीं मिला।''
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश करने का फैसला राजनीतिक कारणों से किया था।
इस साल जनवरी में, पिनरायी विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार के कार्यकाल में वीएसीबी ने पुनर्जनी पुनर्वास परियोजना के लिए विदेश से लिये गए चंदे में हेराफेरी करने के आरोप लगाते हुए सतीशन के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
सतर्कता विभाग की जांच में एफसीआरए के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। इसमें कहा गया था कि सतीशन ने केंद्र से निजी यात्रा की अनुमति लेने के बाद विदेश यात्रा की और वहां चंदा जमा किया, जिसे बाद में केरल के खातों में अंतरित किया गया।
इस बीच, मुख्य विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने इस फैसले को लेकर चेन्निथला की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि एफसीआरए उल्लंघन के मामले में 'सभी सबूत' होने के बावजूद चेन्निथला ने सतीशन को 'जल्दबाजी' में क्लीन चिट दे दी है।
गोविंदन ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सवाल किया कि क्या सतीशन ने एक विधायक के तौर पर अपनी विदेश यात्राओं के लिए जरूरी मंजूरी ली थी और क्या मौजूदा कानून उन्हें विदेश से चंदा जुटाने की अनुमति देते हैं।
उन्होंने कहा,'' यह स्पष्ट है कि विदेश से चंदा जुटाया गया जबकि उन्हें यह धन एकत्र करने की अनुमति नहीं थी। फिर भी, यह बहुत अजीब बात है कि खुद गृह मंत्री ने सतीशन को क्लीन चिट देने के लिए संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया।''
गोविंदन ने आरोप लगाया, ''इस मामले से जुड़ी सभी बातें तभी सामने आएंगी जब केंद्रीय एजेंसियां इसकी जांच करेंगी। गृह विभाग का इतनी जल्दबाजी में इतने गंभीर मामले को बंद करने का फैसला सतीशन को बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।''
भाषा धीरज पवनेश
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3007 1725 तिरुवनंतपुरम