प्ले स्टोर पर 'फर्जी' ऐप मामले में गूगल इंडिया के नोडल अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज
सुरेश
- 29 Jul 2026, 10:34 PM
- Updated: 10:34 PM
हैदराबाद, 29 जुलाई (भाषा) गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किए गए एक "फर्जी" ट्रेडिंग ऐप के जरिये रक्षा क्षेत्र के एक सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) के एक कर्मचारी के कथित तौर पर 7.95 लाख रुपये गंवाने के मामले में गूगल इंडिया के नोडल अधिकारी के खिलाफ "लापरवाही" का एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
यह मामला पीड़ित की शिकायत के आधार पर साइबराबाद साइबर अपराध पुलिस थाने में दर्ज किया गया है।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि जुलाई में जालसाजों ने एक सोशल मीडिया मंच के जरिये उससे संपर्क किया और उसे एक ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से निवेश करने की ''सलाह'' दी। उसने बताया कि इसके लिए पहले ऐप पर एक अकाउंट खोलने को कहा गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने ऐप के जरिये अलग-अलग बैंक खातों में 7.95 लाख रुपये जमा किए। उसने बताया कि ऐप पर उसे मुनाफा दिखाया गया, लेकिन जब उसने पैसे निकालने का अनुरोध किया तो उसे अस्वीकार कर दिया गया और निकासी कर के नाम पर और रकम जमा करने को कहा गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीड़ित ने शिकायत में कहा कि ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध था, इसलिए उसने इसे वैध और भरोसेमंद समझकर निवेश किया, लेकिन उसे अपनी रकम गंवानी पड़ी।
अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर लापरवाही के आरोप में एक मामला दर्ज किया गया है और गूगल इंडिया के नोडल अधिकारी को आरोपियों में से एक बनाया गया है।
कंपनी की ओर से इस मामले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है जब हैदराबाद साइबर अपराध पुलिस ने हाल में दर्ज तीन अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामलों में "भारत में गूगल के प्रमुख" को भी सह-आरोपी बनाया था। इन मामलों में शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि निवेश पर अधिक रिटर्न का झांसा देकर उन्हें गूगल प्ले स्टोर से "फर्जी" ऐप डाउनलोड करवाए गए और उनके साथ धोखाधड़ी की गई।
शिकायतकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने इन ऐप को गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होने के कारण असली और भरोसेमंद समझा था। इन तीन अलग-अलग शिकायतों के आधार पर पुलिस ने जालसाजों और गूगल इंडिया प्रमुख के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए थे।
गूगल ने 22 जुलाई को कहा था कि निवेश ऐप से जुड़े कथित साइबर धोखाधड़ी के मामलों की जानकारी मिलने के बाद उसने तत्काल जांच शुरू की। कंपनी ने बताया कि जांच में पाया गया कि इनमें से केवल एक ऐप ही प्ले स्टोर पर उपलब्ध था और उसकी वित्तीय सेवा नीति का पालन करता है।
भाषा अमित सुरेश
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