राजस्थान: अमायरा आत्महत्या मामले की सुनवाई 23 जुलाई तक टाली
जोहेब
- 15 Jul 2026, 08:22 PM
- Updated: 08:22 PM
जयपुर, 15 जुलाई (भाषा) राजस्थान की राजधानी जयपुर की एक अदालत ने नौ वर्षीय अमायरा की आत्महत्या से संबंधित मामले की सुनवाई बुधवार को 23 जुलाई तक स्थगित कर दी।
विद्यालय की ओर से अधिवक्ता के अनुपस्थित रहने के कारण मामले में विस्तृत बहस नहीं हो सकी।
कक्षा चार की नौ वर्षीय छात्रा अमायरा ने पिछले वर्ष एक नवंबर को नीरजा मोदी विद्यालय की इमारत की चौथी मंजिल से कथित तौर पर छलांग लगा दी थी। उसे पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
मामले की सुनवाई अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (एसीएमएम)-10 की अदालत में हुई।
पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता अमित सिंह अदालत में उपस्थित हुए, जबकि विद्यालय की ओर से अधिवक्ता के अनुपस्थित रहने के कारण विस्तृत सुनवाई नहीं हो सकी। यह जानकारी संयुक्त अभिभावक संघ की ओर से जारी बयान में दी गई।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तारीख निर्धारित की है।
अमायरा के पिता विजय मीणा ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है।
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगली सुनवाई में अदालत सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करेगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त अभिभावक संघ के राजस्थान प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि संगठन शुरुआत से ही पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और आगे भी कानूनी प्रक्रिया के दौरान उनका सहयोग करता रहेगा।
इस बीच, विजय मीणा के अधिवक्ता ने बताया कि अदालत में एक आवेदन दायर कर स्कूल के मालिक सौरव मोदी और प्राचार्य इंदु दुबे के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत संज्ञान लेने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा दाखिल आरोप पत्र में किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 केवल कक्षा शिक्षिका पुनिता शर्मा के खिलाफ लगाई गई है।
हाल ही में अमायरा के माता-पिता ने कक्षा का एक नया सीसीटीवी फुटेज साझा करते हुए आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को सहपाठी लगातार परेशान करते थे और मदद मांगने के उसके प्रयासों पर कक्षा शिक्षिका पुनिता शर्मा ने अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दी।
भाषा बाकोलिया
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