बेंगलुरु में सातवीं कक्षा के छात्र ने किया आत्महत्या का प्रयास, स्कूल के खिलाफ मामला दर्ज
वैभव
- 15 Jul 2026, 08:14 PM
- Updated: 08:14 PM
बेंगलुरु, 15 जुलाई (भाषा) बेंगलुरु के एक निजी स्कूल में कथित तौर पर प्रताड़ना और पिटाई का शिकार होने के बाद सातवीं कक्षा के एक छात्र द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने के मामले में पुलिस ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मंगलवार को हुई। आत्मघाती कदम उठाने से पहले छात्र ने अपनी बहन को इसकी जानकारी दी थी।
पुलिस ने बताया कि छात्र यहां मरियप्पनपाल्या इलाके के एक स्कूल में पढ़ता है।
उसने बताया कि आत्महत्या के कथित प्रयास के बाद छात्र को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अधिकारी ने प्रारंभिक जांच के हवाले से बताया कि एक अन्य छात्र के साथ की गई किसी कथित शरारत को लेकर शिक्षक ने उसे फटकार लगाई थी और कक्षा से बाहर जाने को कहा था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छात्र के पिता की शिकायत पर ज्ञानभारती थाने में स्कूल प्रबंधन के सचिव, प्रधानाचार्य और दो से तीन शिक्षकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ किशोर न्याय अधिनियम (जेजे एक्ट) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि 14 जुलाई को स्कूल के संस्थापक सचिव, प्रधानाचार्य और दो-तीन शिक्षकों ने किसी अज्ञात वजह से छात्र पर अपना गुस्सा निकाला और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसके पूरे शरीर पर गंभीर चोटें आईं।
शिकायत में कहा गया है, "पिटाई के कारण हुए अत्यधिक दर्द और डर की वजह से मेरे बेटे ने उसी शाम फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की।"
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से उनका बेटा लगातार स्कूल जाने से मना कर रहा था। छात्र का कहना था कि शिक्षक, प्रधानाचार्य, स्कूल प्रबंधन के सचिव और यहां तक कि अन्य छात्रों के माता-पिता भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
पिता ने बताया कि वह अपने बेटे को लगातार समझा-बुझा रहे थे और उन्होंने वादा किया था कि मौजूदा शैक्षणिक वर्ष पूरा होने के बाद वे उसका दाखिला किसी दूसरे स्कूल में करा देंगे।
पुलिस अधिकारी ने कहा, "पिता की शिकायत के आधार पर हमने मामला दर्ज कर लिया है और सभी आरोपों की जांच कर रहे हैं।
भाषा सुमित वैभव
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1507 2014 बेंगलुरु