स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर विश्व कप फाइनल में बनाई जगह
आनन्द
- 15 Jul 2026, 03:24 AM
- Updated: 03:24 AM
अर्लिंगटन, 14 जुलाई (भाषा) लामिन यामाल की सूझबूझ से मिली पेनल्टी को मिकेल ओयारजाबाल ने गोल में बदला तो वहीं पेड्रो पोरो ने दूसरे हाफ में गोल दागकर स्पेन को फुटबॉल विश्व कप फाइनल में पहुंचा दिया।
स्पेन ने मंगलवार को खेले गए सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर 2010 में खिताब जीतने के बाद पहली बार फाइनल में प्रवेश किया।
अपने 19वें जन्मदिन के एक दिन बाद मैदान पर उतरे यामाल हालांकि गोल से वंचित रह गए। ऑफसाइड के बेहद करीबी फैसले के कारण उनका प्रयास रद्द कर दिया गया। यह मौका पोरो और दानी ओल्मो के बीच शानदार तालमेल के बाद 58वें मिनट में स्पेन की बढ़त 2-0 होने के कुछ ही देर बाद आया।
इससे पहले मैच का पहला गोल दिलाने में यामाल की चतुराई भरी खेल शैली निर्णायक साबित हुई, जब उन्होंने अनुभवी डिफेंडर को मात देते हुए पेनल्टी हासिल की।
विश्व कप इतिहास में दूसरी बार फाइनल में पहुंचे स्पेन के सामने अब रविवार को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता की चुनौती होगी।
पोरो ने जीत के बाद कहा, "फाइनल में पहुंचने के लिए हमने अपना सब कुछ झोंक दिया। हमें पता था कि हम एक बेहद मजबूत टीम हैं और हम चीजों को अच्छी तरह अंजाम दे रहे हैं। यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं, बल्कि पूरी टीम के बारे में है।"
फीफा रैंकिंग में शीर्ष पर मौजूद फ्रांस और उसके स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी टीम बनने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन हार के बाद अब फ्रांस शनिवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स में तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरेगा।
फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर स्पेन की टीम लगातार तीसरे सत्र में किसी बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में फ्रांस को हराया है। यामाल ने 2024 यूरोपीय चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में अपने 17वें जन्मदिन से कुछ दिन पहले फ्रांस के खिलाफ 2-1 की जीत में गोल किया था। वहीं पिछले साल नेशंस लीग में स्पेन ने फ्रांस को 5-4 से हराया था।
बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल जीत के बाद यामाल ने कहा था कि फ्रांस को स्पेन से डरना चाहिए। सेमीफाइनल का नतीजा उनकी बात को सही साबित करता दिखा।
ओयारजाबाल ने 22वें मिनट में पेनल्टी पर गोल कर स्पेन को बढ़त दिलाई। यह पेनल्टी तब मिली जब फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिन्ये ने गेंद को दूर हटाने की कोशिश के दौरान यामाल को फाउल कर दिया।
डिन्ये का शुरुआती हेडर सही नहीं लगा था। वह गेंद को दूर हटाने की कोशिश कर रहे थे, तभी यामाल पीछे से तेजी से आए और पेनल्टी क्षेत्र में गेंद के लिए चुनौती दी। उछलते हुए यामाल की कोहनी से गेंद टकराई और इसके बाद डिन्ये का पैर उनसे जा टकराया।
ओयारजाबाल का यह टूर्नामेंट में पांचवां गोल रहा। यह स्पेन के लिए उनके 60 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 30वां गोल भी है।
दूसरे हाफ में पोरो ने स्पेन की बढ़त दोगुनी कर दी। उन्होंने ओल्मो से मिले रिटर्न पास पर गोल किया। इससे पहले ओल्मो डिफेंडर दयोट उपामेकानो की चुनौती में गिर पड़े थे, लेकिन उससे पहले गेंद पोरो तक पहुंच चुकी थी।
फ्रांस ने टूर्नामेंट के अपने शुरुआती छह मुकाबलों में केवल दो गोल खाए थे। दूसरी ओर, स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने सात मैचों में छह क्लीन शीट दर्ज की हैं और मौजूदा टूर्नामेंट में उनके खिलाफ अब तक सिर्फ एक गोल हुआ है।
पहले हाफ में स्पेन को दो और अच्छे गोल के मौके मिले। आठवें मिनट में एड्रियन राबियो द्वारा दानी ओल्मो पर फाउल किए जाने के बाद स्पेन को बॉक्स के ठीक बाहर फ्री-किक मिली, लेकिन एलेक्स बाएना का शॉट फ्रांस के खिलाड़ियों से टकराकर लौट गया।
मैच के 38वें मिनट में फ्रांस के गोलकीपर माइक मैगनां के गेंद को दूर भेजने की कोशिश की लेकिन गेंद सीधे बाएना के पास पहुंच गई। इसके बाद स्पेन ने कुछ तेज और शानदार पासों के जरिए मौका बनाया, लेकिन फैबियन रुइज का नजदीकी शॉट रोक दिया गया।
इस विश्व कप में स्पेन की अजेय लय ने नियमित समय में उसका रिकॉर्ड 37 मैचों तक पहुंचा दिया है। मार्च 2024 से अब तक स्पेन ने 28 जीत और नौ ड्रॉ दर्ज किए हैं। यह 2007-09 के बीच बनाए गए उसके पिछले 35 मैचों के रिकॉर्ड से आगे निकल गया है।
फ्रांस की हार के साथ उसका लगातार छह विश्व कप जीत का रिकॉर्ड भी टूट गया। फ्रांस ने इससे पहले 2018 और 2022 विश्व कप में लगातार छह मुकाबले जीतने का कारनामा किया था।
एपी
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