सरकार ने पेट्रोरसायन आयात पर शुल्क छूट 15 जुलाई तक बढ़ाई
अजय
- 30 Jun 2026, 06:47 PM
- Updated: 06:47 PM
नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के बीच आपूर्ति की निरंतरता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए 40 महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर शून्य सीमा शुल्क छूट की अवधि 15 दिन बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दी है।
सरकार ने दो अप्रैल को महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर पूर्ण सीमा शुल्क छूट दी थी। यह अस्थायी और लक्षित राहत 30 जून को समाप्त होने वाली थी।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दो अप्रैल को दी गई छूट का मकसद घरेलू बाज़ार में पेट्रोरसायन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना था, क्योंकि भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों से इस दौरान एलपीजी के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया था।
बयान में कहा गया, ''स्थिति के धीरे-धीरे सामान्य होने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव को सुचारू और बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित करने के मकसद से इस छूट को 15 दिन की और अवधि के लिए, यानी 15 जुलाई, 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।''
आयात शुल्क में यह छूट मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यूनि, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉली ब्यूटाडाइन, स्टाइरीन ब्यूटाडाइन और अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन में दी गई है।
मंत्रालय ने कहा, ''सरकार भारत के विनिर्माण क्षेत्र को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।''
मंत्रालय ने कहा कि इस छूट से पहले की तरह ही पेट्रोरसायन कच्चे माल और मध्यवर्ती उत्पादों पर निर्भर है, जिनमें प्लास्टिक, पैकेजिंग, वस्त्र, रसायन आदि क्षेत्र शामिल हैं। इससे अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी।
वित्त मंत्रालय ने दो अप्रैल को कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में आए व्यवधान को देखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों पर 30 जून तक पूर्ण सीमा शुल्क छूट देने का फैसला किया है।
मंत्रालय ने कहा था कि इस कदम का उद्देश्य घरेलू उद्योग के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन कच्चे माल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना, 'डाउनस्ट्रीम' उद्योगों पर लागत का दबाव कम करना और देश में आपूर्ति की स्थिरता बनाए रखना है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों में व्यवधान से उर्वरक, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। भारत उर्वरक और पेट्रोलियम का प्रमुख आयातक है।
भाषा यासिर अजय
अजय
3006 1847 दिल्ली