प्रश्नपत्र लीक की आशंकाओं के बीच महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) स्थगित
प्रशांत
- 27 Jun 2026, 05:21 PM
- Updated: 05:21 PM
पुणे/ठाणे, 27 जून (भाषा) महाराष्ट्र में रविवार को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 को स्थगित कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह फैसला ठाणे जिले के भिवंडी में हुई एक छापेमारी के बाद लिया गया, जिसमें कुछ लोगों के पास ऐसे कई प्रश्न मिले, जो वास्तविक प्रश्नपत्र के सवालों से मिलते-जुलते थे।
अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में तीन लोगों के खिलाफ भिवंडी थाने में मामला दर्ज किया गया है।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, "परिषद परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्थिति की गंभीरता और मामले की गहन जांच की आवश्यकता को देखते हुए 28 जून, 2026 को निर्धारित परीक्षा को स्थगित किया जाता है।"
ठाणे जिला प्रशासन के अनुसार, इस गड़बड़ी का पता शनिवार तड़के उस समय चला, जब पुलिस ने भिवंडी में परीक्षा के प्रश्नपत्रों से जुड़ी अनधिकृत जानकारी रखने वाले कुछ लोगों के बारे में मिली गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की।
ठाणे जिला प्रशासन ने बताया, "संदिग्ध स्थान पर तत्काल छापेमारी की गई। जब्त की गई सामग्री की जांच और सत्यापन के लिए महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत पुलिस ने बुलाया। गहन जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि संदिग्धों के पास मिले कई प्रश्न 28 जून, 2026 को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के वास्तविक प्रश्नपत्र में शामिल सवालों से मेल खाते थे।"
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (एमएससीई) ने परीक्षाओं में गड़बड़ी के प्रति किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतने की नीति दोहराते हुए कहा कि पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस गिरोह की निष्पक्ष एवं गहन जांच करने का अवसर देने के लिए परीक्षा स्थगित करना आवश्यक था।
परिषद ने अभ्यर्थियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 की नई तारीखों और संशोधित कार्यक्रम की घोषणा जल्द ही परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी।
इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से दोबारा पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (एमएससीई) की उपायुक्त प्रिया शिंदे ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि राज्य के 37 स्थानों के 1,728 परीक्षा केंद्रों पर कम से कम छह लाख अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद थी।
उन्होंने बताया, "इस स्तर की परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया में आम तौर पर लगभग तीन सप्ताह का समय लगता है। जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही परीक्षा के लिए पंजीकरण करा लिया है, उन्हें दोबारा पंजीकरण नहीं कराना होगा। चूंकि इसमें अभ्यर्थियों की कोई गलती नहीं है, इसलिए उनसे पुनः पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा।"
शिंदे ने बताया कि इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उन्होंने बताया कि मामले में जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भाषा जितेंद्र प्रशांत
प्रशांत
2706 1721 पुणे/ठाणे