मुंडका में सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन की मौत
राजकुमार
- 27 Jun 2026, 01:09 AM
- Updated: 01:09 AM
नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) बाहरी दिल्ली के मुंडका इलाके में शुक्रवार को एक फैक्टरी में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान कथित तौर पर जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने घटना के संबंध में फैक्टरी मालिक, उसके सहयोगी और ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, दोपहर 12.03 बजे सूचना मिली कि मुंडका औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्टरी के सेप्टिक टैंक के अंदर कुछ लोग फंसे हुए हैं जिसके बाद एक टीम को मौके पर भेजा गया।
पुलिस ने बताया कि सूचना देने वाले ने कहा था कि टैंक की सफाई कर रहे तीन मजदूर उसके अंदर गिर गए हैं।
वहां पहुंचने पर, पुलिस ने पाया कि मारवाह प्रिंटर्स ने मुंडका औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी परिसर के भीतर एक सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए नांगलोई निवासी नीरज नामक एक ठेकेदार को ठेका दिया था। नीरज तीन अन्य मजदूरों के साथ, सफाई अभियान चला रहा था जब यह घटना घटी।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान सुल्तानपुरी के अरुण (25), संदीप (32) और चांद (42) के रूप में की गई। पुलिस ने कहा कि तीनों लोग टैंक के अंदर जहरीली गैस की चपेट में आने के बाद बेहोश हो गए थे।
उन्होंने बताया कि डीएफएस की टीम ने जब बेहोश लोगों को टैंक से निकाला तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस के मुताबिक, मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए शवों को पोस्टमार्टम के लिए मंगोलपुरी के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल भेज दिया गया।
पुलिस ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, हाथ से मैला ढोने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम और एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कहा कि इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान फैक्टरी मालिक सूरज मारवाह (50), जयंत (61) और ठेकेदार नीरज (35) के तौर पर हुई है।
इस घटना ने जान गंवाने वालों के परिवारों को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया।
चांद की पत्नी ने रोते हुए कहा, मेरे बच्चे सुबह से मुझसे पूछ रहे हैं कि उनके पिता कहां गए हैं। उन्हें बताया गया था कि वह दुर्घटना का शिकार हो गए हैं और वे तब से रो रहे हैं। मुझे नहीं पता कि अब मैं क्या करूं या हम कैसे जीवित रहेंगे। वह शायद ही कभी काम पर जाते थे, लेकिन आज उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ कर्ज चुकाने के लिए पैसों की जरूरत है, इसलिए काम पर जाने का फैसला किया।
उन्होंने कहा, ''बाद में, कोई उनका आधार कार्ड लेने आया था। मैं पूछती रही कि इसकी आवश्यकता क्यों है, और तभी उसने मुझे दुर्घटना के बारे में बताया।
अरुण के भाई नरेन्द्र ने आरोप लगाया कि फैक्टरी मालिक ने उसे और अन्य लोगों को सफाई के लिए टैंक में प्रवेश करने को कहा था।
उन्होंने कहा, "उसे पैसों की जरूरत थी, इसलिए वह राजी हो गया। वह केवल 25 वर्ष का था। मुझे नहीं पता कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।"
भाषा राखी राजकुमार
राजकुमार
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