मुझे दबाव वाली परिस्थितियां और आईसीसी टूर्नामेंट में खेलना पसंद हैं: दीप्ति शर्मा
पंत
- 15 Jun 2026, 11:59 AM
- Updated: 11:59 AM
बर्मिंघम, 15 जून (भाषा) अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पाकिस्तान के खिलाफ महिला टी20 विश्व कप के मैच में भारत की आसान जीत में अहम भूमिका निभाने के बाद कहा कि उन्हें आईसीसी के टूर्नामेंट और दबाव में खेलने में आनंद आता है।
ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने वाली दीप्ति ने पाकिस्तान के खिलाफ 10 रन देकर पांच विकेट लिए जिससे भारत ने यह मैच 64 रन से जीता।
दीप्ति का प्रदर्शन महिला टी20 विश्व कप में किसी भारतीय खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यही नहीं यह टूर्नामेंट में कुल मिलाकर तीसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। दीप्ति ने पिछले साल वनडे विश्व कप में भारत को खिताब दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
दीप्ति ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ''मुझे दबाव वाली परिस्थितियां और आईसीसी टूर्नामेंट में खेलना पसंद हैं। मुझे ऐसा लगता है कि मैंने वहीं से फिर से शुरुआत की है जहां मैंने खत्म किया था, इसलिए अच्छा लग रहा है। मैं अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं और अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल करने की कोशिश करती हूं।''
उन्होंने कहा, ''इससे मुझे काफी मदद मिलती रही है। बस मुझे आगे बढ़ते रहना है, रुकना नहीं है और दिन-प्रतिदिन अपने खेल में सुधार करते रहना है।''
यह 28 वर्षीय खिलाड़ी उस भारतीय टीम का भी हिस्सा थी जो 2017 में यहां वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी।
तब से लेकर अब तक के अपने सफर के बारे में दीप्ति ने कहा, ''जब आप युवा दीप्ति और अब की अनुभवी दीप्ति पर गौर करते हैं तो बहुत अच्छा लगता है। पुराने मैचों विशेषकर 2017 विश्व कप से मैंने बहुत कुछ सीखा। मैं हर मैच से सीखती हूं। मैं हमेशा अपनी गलतियों का आकलन करती हूं और इस पर ध्यान देती हूं कि मैं कहां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हूं।''
उन्होंने कहा, ''मैं नियमित रूप से आविष्कार (साल्वी) सर से इस बारे में बात करती हूं, जिससे मुझे काफी मदद मिलती है। प्रत्येक मैच से कुछ ना कुछ सीखने को मिलता है और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप जीत रहे हैं या नहीं।''
पाकिस्तान के खिलाफ, दीप्ति ने सलामी बल्लेबाज गुल फिरोजा, आयशा जफर, आलिया रियाज, नशरा संधू और तस्मिया रुबाब को आउट किया। बल्लेबाजी करते समय उन्होंने नौ गेंदों में नाबाद 12 रन बनाए।
दीप्ति ने कहा, ''मैं अपनी रणनीति को सरल बनाए रखती हूं। मुझे खुद पर भरोसा था कि जब भी मुझे मौका मिले तो मुझे आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेनी होगी। विकेट थोड़ा टर्न ले रहा था और मैंने सही जगह पर गेंद पिच कराई।''
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