नॉर्वे शतरंज: गुकेश और प्रज्ञानानंदा को मिली निराशा
नमिता
- 27 May 2026, 11:45 AM
- Updated: 11:45 AM
ओस्लो, 27 मई (भाषा) भारतीयों के लिए नॉर्वे शतरंज का दूसरा दिन निराशाजनक रहा जिसमें विश्व चैंपियन डी गुकेश ने आर्मागेडन दौर में वेस्ली सो के सामने घुटने टेक दिए तो वहीं आर प्रज्ञानानंदा को शानदार फॉर्म में चल रहे फ्रांसीसी खिलाड़ी अलीरेजा फिरोजा से हार मिली।
फिरोजा ने लगातार दो जीत से छह अंक से टूर्नामेंट में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।
गत चैंपियन मैग्नस कार्लसन को एक बार फिर जर्मन के विंसेंट कीमर ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन सात बार के चैंपियन ने आखिरकार आर्मागेडन में जीत हासिल कर ली।
दूसरे दौर के आर्मागेडन दौर में निराशाजनक नतीजे के बावजूद गुकेश 2.5 अंक से वेस्ली सो के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर बने रहे।
प्रज्ञानानंदा और कार्लसन जैसे दिग्गज खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में 1.5-1.5 अंक के साथ सबसे निचले पायदान पर रहे।
गुकेश आर्मागेडन हार से काफी निराश थे जो उनके चेहरे से साफ झलक रहा था। वह मैराथन क्लासिकल मुकाबले में दबाव बनाए हुए थे और ऐसा लग रहा था कि वह जीत की ओर आसानी से बढ़ रहे हैं, लेकिन सो किसी तरह 116 चाल में मैच ड्रॉ कराने में कामयाब रहे।
इसके बाद अमेरिकी खिलाड़ी ने आर्मागेडन में भारतीय खिलाड़ी को पूरी तरह से पछाड़ दिया और 1.5 अंक हासिल किए और विश्व चैंपियन को निराश कर दिया।
प्रज्ञानानंदा शुरुआत में फिरोजा के खिलाफ जीत की ओर बढ़ते दिख रहे थे। लेकिन टखने की चोट से जूझ रहे फिरोजा ने एक बार फिर जबरदस्त हिम्मत और कौशल का प्रदर्शन किया। उन्होंने मैच का पासा पलटते हुए भारतीय खिलाड़ी को आश्चर्यजनक रूप से आसानी से हरा दिया।
फिरोजा ने कहा, ''मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन शतरंज एक ऐसी चीज है जो मेरा ध्यान केंद्रित रखती है। इससे मैं दर्द के बारे में नहीं सोचता। ''
महिलाओं की स्पर्धा में दिव्या देशमुख अपने पहले 'नॉर्वे शतरंज' अनुभव का भरपूर आनंद लेती हुई नजर आईं। पिछले साल के महिला विश्व कप में दो बार की विश्व रैपिड चैंपियन कोनेरू हम्पी पर अपनी यादगार जीत की तरह ही उन्होंने मंगलवार को एक बार फिर आर्मागेडन दौर में इस अनुभवी भारतीय खिलाड़ी को मात दी। इस जीत से उनका मनोबल और बढ़ा और तीन अंक के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गईं।
कजाखस्तान की बिबिसारा असाउबायेवा 4.5 अंक के साथ शीर्ष पर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।
दिव्या ने कहा, ''मुझे यहां 'आर्मागेडन' के खेलने में बहुत मजा आ रहा है मुझे 'क्लासिकल' भी पसंद आ रहे हैं क्योंकि उनमें समय की कोई अतिरिक्त बढ़त नहीं मिलती। यह मेरा पहला नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट है, इसलिए यह अनुभव सचमुच बहुत रोमांचक रहा है। ''
भाषा नमिता
नमिता
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