चाइल्ड पोर्न और डीपफेक जांच के संबंध में 'एक्स' के कार्यालयों पर छापेमारी
दिलीप
- 03 Feb 2026, 06:57 PM
- Updated: 06:57 PM
पेरिस, तीन फरवरी (एपी) पेरिस के अभियोजकों ने बाल यौन सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) और डीपफेक सहित कई कथित अपराधों की शुरुआती जांच के तहत एलन मस्क के सोशल मीडिया मंच 'एक्स' के फ्रांस स्थित कार्यालयों पर मंगलवार को छापेमारी की।
इस संबंध में जारी बयान में कहा गया कि पिछले साल जनवरी में अभियोजक कार्यालय की साइबर अपराध इकाई ने जांच शुरू की थी। यह इकाई बच्चों को बंधक बनाने और उनकी अश्लील तस्वीरें फैलाने, इससे संबंधित डीपफेक, मानवता के खिलाफ अपराधों और एक संगठित समूह के हिस्से के तौर पर 'ऑटोमेटेड डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम' में हेरफेर तथा दूसरे अपराधों में कथित ''मिलीभगत'' की जांच कर रही है।
बयान के अनुसार, अभियोजकों ने एलन मस्क और 'एक्स' की 2023 से 2025 तक मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) रहीं लिंडा याकारिनो से स्वैच्छिक पूछताछ के लिए अनुरोध किया है, जिसके लिए 20 अप्रैल की तारीख निर्धारित है।
इसमें कहा गया कि अप्रैल में उसी हफ़्ते 'एक्स' के कर्मचारियों को भी गवाह के तौर पर बयान देने के लिए बुलाया गया है।
इस संबंध में 'एक्स' के एक प्रवक्ता ने टिप्पणी के लिए किए गए अनुरोध पर तुरंत जवाब नहीं दिया।
पेरिस अभियोजक कार्यालय ने 'एक्स' पर जारी छापेमारी की पुष्टि की। इसने कहा कि वह इस मंच को छोड़ रहा है और 'फॉलोअर्स' से भी अपील है कि वे किसी दूसरे सोशल मीडिया मंच से जुड़ें।
अभियोजकों ने एक बयान में कहा, ''इस चरण में, जांच एक सकारात्मक सोच पर आधारित है, जिसका मकसद यह पक्का करना है कि 'एक्स' फ्रांसीसी कानून का पालन करे, क्योंकि यह देश की सीमा के अंदर काम करता है।''
यूरोपीय संघ की पुलिस 'यूरोपोल' के प्रवक्ता जान ओप जेन ऊर्थ ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि एजेंसी ''इस मामले में फ्रांसीसी अधिकारियों की मदद कर रही है''। हालांकि, उन्होंने इसके बारे में और ज़्यादा जानकारी नहीं दी।
यह जांच सबसे पहले एक फ्रांसीसी सांसद की रिपोर्ट के बाद शुरू की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 'एक्स' पर मौजूद पक्षपातपूर्ण एल्गोरिदम द्वारा एक 'ऑटोमेटेड डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम' के कामकाज को प्रभावित किए जाने की संभावना है।
बयान में कहा गया कि बाद में इन अतिरिक्त रिपोर्ट के बाद इसका दायरा और बढ़ गया कि 'एक्स' के एआई चैटबॉट ग्रोक ने कथित तौर पर यहूदी नरसंहार की बात से इनकार किया और यौन सामग्री सबंधी डीपफेक का प्रसार किया।
चैटबॉट ने अपने 'एक्स' अकाउंट पर बाद में कहा कि उसका पिछला जवाब गलत था, जिसे हटा दिया गया है। इसने ऐतिहासिक सबूतों की ओर इशारा किया कि ऑशविट्ज़ गैस चैंबर में 'ज़ाइक्लोन बी' का इस्तेमाल 10 लाख से ज़्यादा लोगों को मारने के लिए किया गया था।
इससे पूर्व, ग्रोक ने फ्रांसीसी भाषा में एक पोस्ट में दावा किया कि नाजी यातना शिविर ऑशविट्ज़-बिरकेनौ में इस्तेमाल किए गए गैस चैंबर वास्तव में नरसंहार के लिए नहीं, बल्कि जाइक्लोन बी नामक कीटनाशक का उपयोग करके टाइफस के खिलाफ विसंक्रमण के वास्ते डिज़ाइन किए गए थे।
ग्रोक का यहूदी विरोधी टिप्पणी करने का इतिहास रहा है। शिकायतों के बाद मस्क की कंपनी ने चैटबॉट से उन पोस्ट को हटा दिया, जिनमें एडॉल्फ हिटलर की तारीफ की गई थी।
एपी नेत्रपाल दिलीप
दिलीप
0302 1857 पेरिस