सरकार बिना किसी भेदभाव के, सभी राज्यों का ध्यान रखे : विपक्षी सदस्यों ने रास में की मांग
माधव
- 02 Feb 2026, 06:27 PM
- Updated: 06:27 PM
नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को अपने अपने राज्यों की समस्याओं के अनसुलझे रहने का दावा करते हुए विपक्ष शासित राज्यों के नेताओं ने कहा कि सरकार को सभी राज्यों का बिना किसी भेदभाव के ध्यान रखना चाहिए और विकास में मदद करना चाहिए।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर उच्च सदन में पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा ले रहे बीजू जनता दल के मुजीबुल्ला खान ने कहा कि ओडिशा में किसान बहुत परेशान हैं। वह अपना धान लेकर मंडी जाते हैं लेकिन उनका धान खरीदा नहीं जाता।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में भाजपा ने सत्ता में आने से पहले जो एमएसपी देने का वादा किया था, वह नहीं दिया जा रहा।
राज्य में महिलाओं तथा अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर अत्याचार बढ़ने का आरोप लगाते हुए खान ने कहा कि कानून व्यवस्था प्रदेश में ठप हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि राज्य में जलविवाद अभी भी अनसुलझा है। उन्होंने कहा कि नवीन पटनायक ने पोलावरम बांध की ऊंचाई कम करने की मांग की ताकि ओडिशा के गांवों के लोगों की जमीन डूब वाले हिस्से में न जाए।
खान ने कहा कि ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग पुरानी है। उन्होंने कहा कि राज्य में न रेलवे कनेक्टिविटी ठीक है न मोबाइल कनेक्टिविटी ठीक है।
राजद के ए डी सिंह ने कहा कि जब 25 करोड़ लोगों को सरकार गरीबी रेखा से बाहर निकालने का दावा करती है तो उसे यह भी बताना चाहिए कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त में अनाज क्यों दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जीडीपी में सबसे अधिक योगदान देने वाले एमएसएमई क्षेत्र को बजट में पूरी तरह उपेक्षित कर दिया गया है।
अन्नाद्रमुक के डॉ एम थंबीदुरै ने कहा कि तमिलनाडु पर हिंदी नहीं थोपी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार से लोग परेशान हैं और यह समस्या बढ़ती ही जा रही है।
जनता दल (यूनाइटेड) के संजय कुमार झा ने कहा कि सरकार की कई उपलब्धियां हैं जिनका राष्ट्रपति के अभिभाषण में जिक्र है। उन्होंने कहा ''विरोध केवल इसलिए नहीं करना चाहिए कि विरोध करना है। उपलब्धियां भी देखना चाहिए।''
उन्होंने कहा कि दुनिया में चीन के बाद भारत में मोबाइल फोन का सर्वाधिक उत्पादन होता है।
समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा कि सरकार खूबसूरत तस्वीर दिखाती है लेकिन असलियत इससे बहुत अलग है। उन्होंने दावा किया कि पिछड़े वर्ग और दलित समुदाय के लोग आज भी अत्याचार के शिकार हैं और उनकी कोई सुनवाई भी नहीं होती। उन्होंने प्रश्न किया, ''सामाजिक न्याय कहां है ?''
जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेस के चौधरी मोहम्मद रमजान ने अपने राज्य का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की। उन्होंने जम्मू कश्मीर के लिए विशेष पैकेज की भी मांग की।
शिवसेना के संजय राउत ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में जो कुछ भी कहा गया है, देश की स्थिति बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने सरकार पर दिखावा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे अपनी जिम्मेदारी का अहसास ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने न केवल मनरेगा का नाम बदला बल्कि मजदूरों को काम की गारंटी भी उसने कम कर दी।
भाषा
मनीषा माधव
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0202 1827 संसद