केंद्रीय बजट: ओडिशा में रेलवे क्षेत्र के विकास के लिए 10,928 करोड़ रुपये आवंटित किए गए
संतोष
- 02 Feb 2026, 07:47 PM
- Updated: 07:47 PM
भुवनेश्वर, दो फरवरी (भाषा) केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि केंद्र ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में ओडिशा में रेलवे क्षेत्र के विकास के लिए 10,928 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
नयी दिल्ली से डिजिटल माध्यम से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि राज्य में 90,659 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा, "हमने ओडिशा में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का वादा किया था। अब, हाल ही में हुए बजट आवंटन के साथ, रेलवे क्षेत्र में कुल निवेश जल्द ही एक लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगा।"
उन्होंने कहा कि वर्तमान आवंटन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के 2009 से 2014 के कार्यकाल के दौरान ओडिशा को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में आवंटित औसत राशि 838 करोड़ रुपये से 13 गुना अधिक है। राज्य को वर्ष 2025-26 के वित्तीय वर्ष में 10,599 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
रेल मंत्री ने कहा कि पूर्व-पश्चिम माल ढुलाई गलियारा परियोजना से ओडिशा को भी लाभ होगा। 2,052 किलोमीटर लंबा यह गलियारा पश्चिम बंगाल के डंकुनी को गुजरात के सूरत से जोड़ेगा।
उन्होंने कहा, ''यह गलियारा ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से होकर गुजरेगा। यह गलियारा ओडिशा में औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।"
वैष्णव ने बताया कि ओडिशा में वर्तमान में वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस की छह-छह जोड़ी ट्रेनें चल रही हैं और राज्य में जल्द ही बुलेट ट्रेन सेवा भी शुरू हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में ओडिशा में लगभग 2,200 किलोमीटर नई रेलवे पटरियों का निर्माण किया गया है, जो मलेशिया के कुल रेलवे नेटवर्क से अधिक है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जंगली हाथियों को रेल दुर्घटनाओं से बचाने के लिए उनका मंत्रालय रेलवे पटरी के किनारे एआई-आधारित थर्मल कैमरे लगाएगा ताकि हाथियों के ट्रेन की चपेट में आने का पता लगाया जा सके और उसे रोका जा सके। यह परियोजना छह महीने के भीतर शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हाथियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंडरपास के निर्माण के लिए देशभर में 200 स्थानों की पहचान की गई है।
ईस्ट कोस्ट रेलवे (ईसीआर) के महाप्रबंधक परमेश्वर फंकवाल ने कहा कि 2439 करोड़ रुपये की लागत से अमृत स्टेशन योजना के तहत ओडिशा में कुल 59 स्टेशनों को पूर्ण पुनर्विकास के लिए चिह्नित किया गया है, जिनमें से छह स्टेशनों कटक, बारीपाड़ा, बरपाली, बिमलागढ़, परलाखेमुंडी और तालचेर पर काम पूरा हो चुका है।
उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए ईस्ट कोस्ट रेलवे (ईसीओआर) को किए गए कुल बजटीय आवंटन का लगभग 88 प्रतिशत अब तक उपयोग किया जा चुका है। ओडिशा राज्य की बात करें तो कुल व्यय 91 प्रतिशत रहा है।
इसी बीच, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रेल बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री को धन्यवाद दिया।
माझी ने 'एक्स' पर लिखा, ओडिशा की प्रगति की दिशा में केंद्र सरकार की इस पहल ने 'समृद्ध ओडिशा' के निर्माण के संकल्प को और मजबूत किया है।
उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि मौजूदा बजट में स्वीकृत 'पूर्व-पश्चिम माल ढुलाई गलियारा' ओडिशा के औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में एक नए युग की शुरुआत करेगा।"
माझी ने कहा कि रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौत को रोकने के लिए एआई-आधारित थर्मल कैमरों और ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) का उपयोग वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक मॉडल तैयार करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ओडिशा के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, "हमारे संयुक्त प्रयासों से ओडिशा निश्चित रूप से एक प्रगतिशील और समृद्ध राज्य बनेगा।"
भाषा तान्या संतोष
संतोष
0202 1947 भुवनेश्वर