कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार, जेल भेजा गया
प्रशांत दिलीप
- 11 Jan 2026, 09:31 PM
- Updated: 09:31 PM
पतनमथिट्टा (केरल), 11 जनवरी (भाषा) कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल को रविवार तड़के यौन उत्पीड़न के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।
उन्हें शनिवार देर रात पलक्कड़ से हिरासत में लिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें रविवार सुबह यहां एक पुलिस शिविर में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, कोट्टायम जिले की एक महिला द्वारा आठ जनवरी को दर्ज कराई गई शिकायत के बाद पलक्कड़ विधायक के खिलाफ यौन उत्पीड़न का तीसरा मामला हाल ही में दर्ज किया गया है।
पीड़िता इस समय कनाडा में है और उसने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पुलिस को अपना बयान दिया।
सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता विवाहित महिला है, वैवाहिक जीवन में समस्याओं के बाद उसकी ममकूटाथिल से 2024 में जान-पहचान हुई।
उसने पुलिस को बताया कि ममकूटाथिल ने उससे शादी करने का वादा करके अप्रैल 2024 में एक होटल में कथित तौर पर उससे बलात्कार किया।
रविवार को यहां एक मजिस्ट्रेट के समक्ष दायर की गई रिमांड रिपोर्ट में कहा गया है कि ममकूटाथिल ने महिला से कहा कि उन्हें चर्चा के लिए एकान्त स्थान की आवश्यकता है और आठ अप्रैल, 2024 को उन्होंने उसे थिरुवल्ला के एक होटल के कमरे में आमंत्रित किया, जहां दोपहर में उसके साथ “बेरहमी से बलात्कार किया गया”। पुलिस ने बताया कि जब वह गर्भवती हुई तो ममकूटाथिल ने कथित तौर पर जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और उसे गर्भपात कराने की धमकी दी।
पीड़िता ने यह भी दावा किया कि ममकूटाथिल ने कई मौकों पर उससे पैसे लिए थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ममकूटाथिल ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और कई गृहिणियों और अविवाहित महिलाओं को निशाना बनाया।
ममकूटाथिल के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और 506 (1) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने ममकूटाथिल पर नजर रखी, जिसके बाद एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम शनिवार देर रात करीब 12.15 बजे उस होटल के कमरे में पहुंची जहां वह ठहरे हुए थे।
उन्हें रात करीब 12.30 बजे होटल से हिरासत में लिया गया और रविवार सुबह करीब 5.30 बजे पतनमथिट्टा पुलिस शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया।
सूत्रों ने कहा कि उनके खिलाफ इसी तरह के दो अन्य मामलों की तफ्तीश कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को इस ताजा मामले की छानबीन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
एसआईटी प्रमुख जी पूंगुजाली पुलिस शिविर पहुंचे और ममकूटाथिल से पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी दर्ज की गयी।
रिमांड रिपोर्ट में कहा गया है कि बाद में उसे एक सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां डीएनए जांच के लिए उनके रक्त के नमूने एकत्र किए गए और पौरुष क्षमता परीक्षण किया गया।
उन्हें एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एसआईटी ने उनकी हिरासत के लिए एक आवेदन दायर किया है, जिस पर सोमवार को विचार किया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि ममकूटाथिल ने जमानत याचिका भी दायर की है, जिस पर उसी दिन विचार किया जाएगा।
बाद में, उन्हें अलप्पुझा जिले की मावेलिकारा उप जेल में स्थानांतरित कर दिया गया।
ममकूटाथिल के वकील सस्थामंगलम अजीत कुमार ने कहा कि गिरफ्तारी और हिरासत कानूनी प्रक्रिया का अंत नहीं है।
गिरफ्तारी को अनावश्यक बताने वाले उनके दावे पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कुमार ने कहा कि विधायक ने जांच दल को जांच में सहयोग करने की अपनी इच्छा व्यक्त की थी।
कुमार ने कहा, “एक मामले में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। दूसरे मामले में केरल उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी के खिलाफ अंतरिम राहत दी है। अदालत ने अग्रिम जमानत देते समय कुछ शर्तें लगाई थीं, और उन्होंने जांच टीम से संपर्क करके उसे अपने पेश होने के समय और स्थान के बारे में सूचित किया था।”
केरल उच्च न्यायालय ने इससे पहले ममकूटाथिल को पहले मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था, जो एक महिला से बलात्कार और उसे गर्भपात के लिए मजबूर करने के आरोपों से संबंधित है।
दूसरे मामले में, तिरुवनंतपुरम की एक सत्र अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी थी।
इन आरोपों के बाद कांग्रेस ने ममकूटाथिल को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
पिछले साल पलक्कड़ में हुए उपचुनाव में ममकूटाथिल ने जीत दर्ज की थी। यह सीट कांग्रेस नेता शफी पेरम्बिल के कोझिकोड जिले के वडाकारा से लोकसभा सदस्य बनने के कारण खाली हुई थी।
भाषा प्रशांत