पाकिस्तान के खेल संबंधी फैसलों का भारत पर कोई असर नहीं पड़ता: कश्मीर उपमुख्यमंत्री
सुरेश
- 02 Feb 2026, 05:51 PM
- Updated: 05:51 PM
जम्मू, दो फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने सोमवार को कहा कि भारत के साथ खेल आयोजनों को लेकर पाकिस्तान के फैसलों का देश पर कोई असर नहीं पड़ेगा तथा इस बात पर जोर दिया कि राजनीति को खेल से अलग रखा जाना चाहिए।
पाकिस्तान ने आईसीसी टी-20 विश्वकप में भारत के खिलाफ ग्रुप मैच के बहिष्कार के अपने फैसले की घोषणा की, हालांकि वहां की सरकार ने सात फरवरी से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता के शेष मैचों में अपनी राष्ट्रीय टीम की भागीदारी को मंजूरी दी है।
चौधरी ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन पत्रकारों से कहा, ''अगर पाकिस्तान नहीं खेलता है, तो क्या होगा? अगर यह उनका फैसला है, तो इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। भारत एक बड़ा देश है और पाकिस्तान की कार्रवाइयों का हमपर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसलिए मेरा मानना है कि हमें इस मुद्दे पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। हम पाकिस्तान या इस विषय पर आगे चर्चा नहीं करना चाहते।''
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत हमेशा से राजनीति और खेल के बीच दखल का विरोध करता रहा है, क्योंकि इससे खेल की गरिमा को ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा, ''खेल में कभी भी राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से देखा गया है कि जब भी राजनीति इसके बीच आई है, इसने खेल के स्वरूप को नुकसान पहुंचाया है। इस सिद्धांत का पालन हर देश में होना चाहिए।''
विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके नेता द्वारा जम्मू में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) की स्थापना की मांग के समर्थन के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने नेता-प्रतिपक्ष सुनील शर्मा की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि हंगामा करने से केंद्र शासित प्रदेश के बड़े मुद्दों का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता ने चुनाव प्रचार के दौरान जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया था और उन्हें उस आश्वासन की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ''जम्मू को सही मायने में लाभ तभी होगा, जब उसका राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा।''
नेता प्रतिपक्ष शर्मा के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर रविवार को जम्मू विश्वविद्यालय के छात्रों के विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। विधायकों ने रविवार को कहा कि वे इस मुद्दे को सड़कों पर और विधानसभा में भी उठाएंगे।
भाषा यासिर सुरेश
सुरेश
0202 1751 जम्मू