ओडिशा हर महिला को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए काम कर रहा: मुख्यमंत्री माझी
सुभाष माधव
- 01 Nov 2025, 10:27 PM
- Updated: 10:27 PM
भुवनेश्वर, एक नवंबर (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि राज्य की प्रत्येक महिला आर्थिक रूप से स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और उद्यमिता के लिए सक्षम बने।
यहां 'सुभद्रा शक्ति मेला' के दूसरे संस्करण का उद्घाटन करते हुए माझी ने कहा कि यह मेला, जो 12 नवंबर तक चलेगा, सुभद्रा योजना के तहत महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का एक मंच है।
उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य 2036 तक एक समृद्ध ओडिशा बनाना और 2047 तक इसे विकसित भारत का विकास इंजन बनाना है। यह लक्ष्य तभी पूरा होगा जब हमारी लाखों सुभद्रा माताओं की शक्ति जागृत होगी। वे सशक्त होंगी और विकास के हर क्षेत्र में उनका बहुमूल्य योगदान होगा।"
उन्होंने कहा कि सुभद्रा योजना इस लक्ष्य को प्राप्त करने का एक अनूठा मॉडल है।
माझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रमुख योजना लखपति दीदी योजना के तहत ओडिशा ने बहुत ही कम समय में 17 लाख लखपति दीदियां बनाकर अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।
उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य 2027 तक 25 लाख लखपति दीदियां बनाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, हमने स्वयं सहायता समूहों की निधि को दोगुना कर दिया है। हमने ग्राम पंचायत स्तर के संघों के लिए सामुदायिक निवेश निधि को 35 लाख रुपये से बढ़ाकर 60 लाख रुपये कर दिया है।’’
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, बैंक ऋणों पर ब्याज वापसी की सुविधा भी प्रदान की गई है।
इस बीच, ओडिशा सरकार ने शनिवार को सुभद्रा योजना के तहत नये आवेदन प्राप्त करना शुरू कर दिया। यह राज्य सरकार की महिला-केंद्रित महत्वाकांक्षी योजना है।
उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने यहां बताया कि एक अप्रैल को 21 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाली महिलाएं अब इस योजना के लिए पात्र हैं।
उन्होंने बताया कि 21 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम आयु की पात्र महिलाएं भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रभारी परिदा ने कहा, ‘‘जो पात्र महिलाएं राज्य से बाहर थीं या पहले आवेदन नहीं कर सकीं थीं, वे भी इस योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकती हैं।’’
उन्होंने कहा कि नये लाभार्थियों को दो किस्तों में कुल 10,000 रुपये मिलेंगे -- 5,000 रुपये सितंबर में और शेष 5,000 रुपये 8 मार्च को।
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