हिमाचल में उड़ान योजना के तहत दो हवाई अड्डों, नौ हेलीपैड की पहचान हुई : सरकार
मनीषा
- 02 Feb 2026, 06:05 PM
- Updated: 06:05 PM
नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को सरकार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में उड़ान योजना के तहत उड़ानें संचालित करने के लिए दो हवाई अड्डों और नौ हेलीपैड की पहचान की गई है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई संपर्क मिलेगा।
क्षेत्रीय संपर्क योजना-उड़े देश का आम नागरिक (आरसीएस-उड़ान) 2016 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य मांग आधारित बोली प्रक्रिया के माध्यम से देश के दूरस्थ और कम सेवा वाले क्षेत्रों में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ाना था। यह प्रक्रिया एयरलाइंस को कम सेवा वाले/ अल्प उपयोग वाले हवाई पट्टियों को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करती है।
उच्च सदन में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया , "उड़ान योजना ने भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र में क्रांति ला दी है, और हम दूरस्थ क्षेत्रीय क्षेत्रों, विशेष रूप से द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों के क्षेत्रों तक संपर्क का विस्तार करने में सक्षम हुए हैं, जहां हमने हवाई अड्डे स्थापित किए हैं, लेकिन संपर्क अभी भी एक चुनौती है।"
उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से सरकार 657 मार्गों को चालू करने में सक्षम रही है, और इन मार्गों पर 1.59 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की है।
मंत्री ने कहा, "इसलिए, इस उड़ान योजना की सफलता को जारी रखना आवश्यक है, क्योंकि हम देश में और अधिक हवाई अड्डे खोलने की योजना बना रहे हैं। अतः उड़ान योजना का विस्तार करना अनिवार्य है।"
नायडू ने कहा कि सरकार हितधारकों से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर योजना में बदलाव कर रही है।
उन्होंने कहा, "मैं वित्त मंत्री का बहुत आभारी हूं जिन्होंने पिछले बजट में ही उड़ान योजना के विस्तार की घोषणा की थी। और विशेष रूप से यह उल्लेख किया था कि अगले 10 वर्षों में 120 नए गंतव्य स्थापित किए जाएंगे... विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों, उत्तर पूर्वी राज्यों और हिमालयी राज्यों को क्षेत्रीय संपर्क स्थापित करने में प्राथमिकता दी जाएगी।''
नायडू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और शिमला भी विस्तारित उड़ान योजना में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना के तहत, हिमाचल प्रदेश राज्य में आरसीएस उड़ानों के विकास और संचालन के लिए दो हवाई अड्डों और नौ हेलीपैड की पहचान की गई है।
हिमाचल प्रदेश में शिमला, कुल्लू, रामपुर (हेलीपोर्ट), मंडी (हेलीपोर्ट), रेकोंग पेओ (हेलीपोर्ट) और संजौली (हेलीपोर्ट) को जोड़ने वाले कुल 38 आरसीएस मार्गों को चालू कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, "संपर्क प्रदान करने के मामले में, विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई अड्डा स्थापित करना एक चुनौती है। लेकिन वायु मार्ग संपर्क की मांग अब भी बहुत अधिक है क्योंकि इससे यात्रा में समय की काफी बचत होती है।"
सरकार ने उड़ान योजना का विस्तार न केवल हवाई अड्डों के निर्माण के लिए किया है, बल्कि हेलीपैड और हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए भी किया है।
मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को इसका भरपूर लाभ मिला है। सरकार ने नौ ऐसे स्थान निर्धारित किए हैं जहां हेलीपैड बनाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि औसतन प्रति हेलीपैड पर 13 करोड़ रुपये तक का खर्च आता है और यह केंद्र सरकार द्वारा इन हेलीपैड के निर्माण के लिए दी जाने वाली बजटीय सहायता है।
नायडू ने इसी प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि उड़ान योजना के तहत 20 जनवरी, 2026 तक 657 आरसीएस रूट चालू किए जा चुके हैं, जो 93 ऐसे हवाई अड्डों को जोड़ते हैं जहां पहले हवाई सेवा उपलब्ध नहीं थी या कम उपलब्ध थी, जिनमें 15 हेलीपोर्ट और 2 वाटर एयरड्रोम शामिल हैं।
इस योजना के तहत संचालित 3.36 लाख आरसीएस उड़ानों के माध्यम से 160 लाख से अधिक यात्रियों को लाभ मिला है।
एलायंस एयर ने आरसीएस-उड़ान योजना के तहत शिमला-दिल्ली-शिमला और शिमला-अमृतसर-शिमला मार्गों पर एटीआर-42 विमानों का उपयोग करके उड़ान सेवाएं संचालित कीं।
हालांकि, निर्धारित तीन वर्षीय व्यवहार्यता अंतर निधि (वीजीएफ) अवधि पूरी होने के बाद, दिल्ली मार्ग पर परिचालन 16 अक्टूबर, 2025 से बंद कर दिया गया।
अमृतसर सेवा, जो 16 नवंबर, 2023 को शुरू हुई थी, एयरलाइन के बेड़े में परिचालन विमानों की कमी के कारण 17 अक्टूबर, 2025 से बंद कर दी गई।
मंत्री ने कहा, "यदि कोई एयरलाइन आगामी निविदा दौर में शिमला हवाई अड्डे को जोड़ने वाले आरसीएस मार्गों के लिए वैध बोली प्रस्तुत करती है, तो उड़ान योजना के प्रावधानों के अनुसार उस पर विचार किया जा सकता है।"
नायडू ने कहा कि सरकार ने अगले 10 वर्षों में 4 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान करने के लिए देश भर में 120 नए गंतव्यों तक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए संशोधित उड़ान योजना शुरू करने की घोषणा की है।
भाषा
माधव मनीषा
मनीषा
0202 1805 संसद