चिकित्सक की मौत: भाजपा की टीम ने की राज्यपाल से मुलाकात, राज्य के हालात के बारे में जानकारी दी
शोभना अविनाश
- 29 Aug 2024, 09:00 PM
- Updated: 09:00 PM
कोलकाता, 29 अगस्त (भाषा) केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने बृहस्पतिवार को राज्यपाल सी वी आनंद बोस से मुलाकात की और नौ अगस्त को यहां आर जी कर अस्पताल में प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ कथित बलात्कार और हत्या की घटना के बाद राज्य के हालात पर चर्चा की।
बैठक में पार्टी की राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष और अन्य भाजपा नेता शामिल हुए। इस दौरान मजूमदार ने राज्यपाल से पश्चिम बंगाल में जारी अराजकता की स्थिति को दूर करने के लिए निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह किया।
मजूमदार ने कहा, ‘‘ हमने राज्यपाल से बंगाल में लोगों के अधिकारों की रक्षा करने और राज्य को इस भयावह स्थिति से बाहर निकालने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया।’’
मजूमदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले तीन हफ्तों से बलात्कार-हत्या पीड़िता के लिए न्याय की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बावजूद वह अपने बयानों के माध्यम से कथित तौर पर अशांति भड़का रही हैं।
उन्होंने बनर्जी पर संघीय ढांचे के तहत राज्य सरकार के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका निभाने में विफल रहने का आरोप लगाया।
मजूमदार ने कहा, ‘‘ हमने राज्यपाल को स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी है जो नौ अगस्त की घटना के बाद से बिगड़ गई है। हम राज्यपाल से संविधान के संरक्षक के रूप में इन मुद्दों को हल करने का आग्रह करते हैं।’’
राज्यपाल से मुलाकात के बाद मजूमदार और पार्टी के अन्य नेताओं ने एस्प्लेनेड क्षेत्र में ‘वाई चैनल’ में धरना दिया और आर जी कर अस्पताल की घटना के संबंध में मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
भाजपा नेताओं के राजभवन जाने पर तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम पहले से ही राज्यपाल को हटाने की मांग कर रहे हैं जो स्वयं राजभवन की एक पूर्व कर्मचारी की ओर से लगाए गए यौन दुराचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं।’’
घोष ने कहा, ‘‘ लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को हटाने की मांग करने के बजाय भाजपा नेताओं को यह बताना चाहिए कि राज्यपाल के खिलाफ गंभीर शिकायतों के बावजूद उन्हें क्यों नहीं हटाया जाना चाहिए।’’
आर जी कर अस्पताल मामले से जुड़ी कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बारे में पूछे जाने पर घोष ने कहा,‘‘ हम इस रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सकते। इसकी जांच सीबीआई को करनी चाहिए और इसे जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। हम सभी अपराधियों को जवाबदेह ठहराने, पीड़ित के परिवार और दोस्तों को न्याय दिलाने और सच्चाई को सामने लाने की मांग करते हैं।’’
भाषा शोभना