बेंगलुरु में पत्थर की खदान में विशाल चट्टान गिरने से सात श्रमिकों की मौत
नेत्रपाल
- 02 Jul 2026, 07:29 PM
- Updated: 07:29 PM
बेंगलुरु, दो जुलाई (भाषा) बेंगलुरु शहरी जिले में बृहस्पतिवार को पत्थर की एक खदान में विशाल चट्टान गिरने से सात श्रमिकों की मौत हो गई जिनमें पांच मध्यप्रदेश के थे। यह जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दी।
अधिकारी ने इस घटना के लिए ''लापरवाही'' को जिम्मेदार ठहराया।
शुरू में पुलिस सूत्रों ने कहा था कि हताहत होने वाले लोगों में ज्यादातर बिहार के हैं, लेकिन बाद में साफ़ किया गया कि वे मध्यप्रदेश के थे।
यशवंतपुर के विधायक एस.टी. सोमशेखर ने दावा किया था कि अस्पताल में एक घायल श्रमिक के दम तोड़ देने के साथ ही मृतकों की संख्या आठ हो गई।
हालांकि, मध्य क्षेत्र के उपमहानिरीक्षक एस. गिरीश ने स्पष्ट किया कि बेंगलुरु शहरी ज़िले में बेंगलुरु दक्षिणी ज़िले की सीमा से सटे मडापट्टना में हुई इस घटना में सात लोगों की मौत हुई, पांच घायल हुए, जबकि चार अन्य को कोई चोट नहीं पहुंची।
जिन लोगों की मौत हुई है उनमें पांच मध्यप्रदेश के, एक छत्तीसगढ़ का और एक कर्नाटक के यादगीर का था।
गिरीश ने यहां पत्रकारों से कहा, ''यहां दो क्रशर हैं – एक ऊपर और दूसरा नीचे। दोनों जगहों पर काम हो रहा था। वहां करीब 16 मजदूर काम कर रहे थे। ऊपर एक ड्रिलिंग मशीन लगी हुई थी। ऊपर से एक बहुत बड़ा पत्थर खिसककर नीचे काम कर रहे लोगों पर गिर गया। सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।''
उन्होंने कहा कि पांचों घायल खतरे से बाहर हैं।
अधिकारी ने कहा, ''यह साफ़ है कि लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से सात लोगों की जान चली गई।''
खान और भूगर्भ विज्ञान विभाग के अधिकारी रंगप्पा ने बताया कि खदान मालिक मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजा देने के लिए सहमत हो गया है।
रंगप्पा ने पत्रकारों से कहा, ''मैंने खदान मालिक से बात की है ताकि मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायल व्यक्तियों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवज़ा मिल सके। वह इसके लिए सहमत हो गया है।''
मज़दूरों की मौत पर दुख जताते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा, ''हम पूरे राज्य में पत्थर निकालने के काम के संबंध में नए दिशानिर्देश जारी करेंगे। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि ऐसी घटना दोबारा न हो।''
उन्होंने कहा कि वह इस बात की जांच कराएंगे कि राज्य में पत्थर निकालने का काम नियमों के मुताबिक हो रहा है या नहीं।
उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया है, जो इस घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, सात लोगों की मौत हुई है। पहली रिपोर्ट से पता चलता है कि यह घटना विस्फोट की वजह से नहीं, बल्कि मिट्टी के कटाव के कारण हुई है। मैं इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मंगाऊंगा।''
पत्रकारों ने उनसे जब मुआवज़े के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, ''हम निश्चित रूप से परिवारों को मुआवज़ा देंगे, इसमें कोई शक नहीं है। लेकिन मेरी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कर्नाटक में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।''
उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने यहां पत्रकारों से कहा कि वह जानकारी जुटाएंगे और अगर मामला राजस्व विभाग से जुड़ा हुआ है - जो उनके अधिकार क्षेत्र में आता है - तो वह तुरंत कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने कहा, ''हमें यह पता लगाना होगा कि यह मंज़ूरी कौन देता है। अभी, उपायुक्त और खनन विभाग के अधिकारी यह मंज़ूरी देते हैं। हम मामले की जांच करेंगे और जो भी ज़रूरी कार्रवाई होगी, वह हम करेंगे।''
राज्य भर में हो रही अवैध पत्थर खुदाई पर चिंता जताते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इसे रोकने के लिए जो भी ज़रूरी होगा, वे वह करेंगे।
केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य में एक ''बड़ी लॉबी'' काम कर रहा है, जिसे मजदूरों की सुरक्षा से ज़्यादा पैसा कमाने में दिलचस्पी है।
उन्होंने कहा, ''सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।''
इस दुखद घटना पर शोक जताते हुए, कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता के आर. अशोक ने राज्य सरकार पर लापरवाही बरतने और सुरक्षा नियमों को लागू करने में पूरी तरह नाकाम रहने का आरोप लगाया।
अशोक ने घायलों से मुलाकात भी की।
भाषा राजकुमार नेत्रपाल
नेत्रपाल
0207 1929 बेंगलुरु