दिल्ली में बुजुर्गों की पेंशन बहाल की गई: आतिशी
जोहेब देवेंद्र
- 23 Aug 2024, 08:57 PM
- Updated: 08:57 PM
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी ने शुक्रवार को कहा कि शहर के लगभग एक लाख बुजुर्गों की पांच महीने से रुकी पेंशन फिर से बहाल कर दी गई है।
उन्होंने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर पिछले पांच महीने से पेंशन में अपना योगदान नहीं देने का आरोप भी लगाया।
आतिशी ने कहा कि शहर के एक लाख लाभार्थियों में से 90 हजार को बृहस्पतिवार को ही उनका पिछला बकाया मिल गया और अन्य का भुगतान कर दिया जाएगा।
हालांकि, भाजपा की दिल्ली इकाई के नेता विजेंद्र गुप्ता ने दावा किया कि उनकी पार्टी ही इस मुद्दे को उठा रही थी और आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को उसके सामने झुकना पड़ा।
गुप्ता ने ‘एक्स’ पर लिखा, “पिछले छह साल से दिल्ली में बुजुर्गों के लिए पेंशन दस्तावेज तैयार करने का काम बंद है। एक भी बुजुर्ग को वृद्धावस्था पेंशन नहीं दी गई। पिछले एक साल से एक लाख बुजुर्गों की पेंशन भी बंद कर दी गई थी। हम इसके लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे। भाजपा का संघर्ष रंग लाया। केजरीवाल सरकार को झुकना पड़ा और रुकी हुई पेंशन जारी की गई।”
इससे पहले, आतिशी ने कहा कि दिल्ली में चार लाख बुजुर्गों को पेंशन मिलती है, इनमें से एक लाख लोगों की पेंशन का भुगतान दिल्ली सरकार और केंद्र मिलकर करते हैं। उन्होंने कहा कि इन एक लाख लोगों को पिछले पांच महीने से पेंशन नहीं मिल रही थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इन लोगों की पेंशन में अपना हिस्सा देना बंद कर दिया।
‘आप’ की नेता ने कहा, “ये बुजुर्ग लोग अक्सर मेरे पास आते थे। वे हमारे विभिन्न विधायकों के पास जाते थे।”
आतिशी ने कहा कि जब भी वह जेल में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिली हैं तो केजरीवाल ने पूछा है कि बुजुर्गों को पेंशन मिल रही है या नहीं।
आतिशी ने कहा, ‘‘मैं इन एक लाख बुजुर्गों को बधाई देना चाहती हूं कि अप्रैल से जो पेंशन बंद थी, वह अब मिलनी शुरू हो गई है। दिल्ली के समाज कल्याण विभाग ने कल से ही बुजुर्गों के खाते में यह पेंशन डालनी शुरू कर दी है। कल तक लगभग 90,000 लोगों को पेंशन हस्तांतरित की जा चुकी हैं और शेष 10,000 लोगों की पेंशन आज बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी।’’
दिल्ली सरकार प्रति पेंशनभोगी को प्रति माह 2,200 रुपये और केंद्र सरकार 300 रुपये देती है।
पेंशन नियमों के मुताबिक, केंद्र सरकार से हिस्सा मिलने तक पेंशन जारी नहीं की जा सकती।
भाषा जोहेब