अमेरिका में डूबे भारतीय नागरिक ने हादसे से कुछ घंटे पहले मां को भेजा था संदेश
देवेंद्र पवनेश
- 12 Jul 2024, 06:45 PM
- Updated: 06:45 PM
मुंबई, 12 जुलाई (भाषा) अमेरिका के मोंटाना प्रांत में ‘ग्लेशियर नेशनल पार्क’ में डूबने के बाद मृत माने जा रहे भारतीय तकनीकी विशेषज्ञ सिद्धांत विट्ठल पाटिल ने इस घटना से कुछ घंटे पहले पार्क से अपनी मां को संदेश भेजा था। उनके परिवार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पाटिल का शव अभी तक बरामद नहीं किया गया है और हेलीकॉप्टर की मदद से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
उनके मामा प्रीतेश चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘पिछले शुक्रवार को सिद्धांत ने पार्क से अपनी मां प्रीति को फोन किया था और बताया था कि वह छह अन्य भारतीय दोस्तों के साथ तीन दिन से पार्क में है और इस यात्रा का आनंद ले रहा है।’’
पुणे में रहने वाले चौधरी ने बताया कि सिद्धांत (26) ने इस हादसे से दो घंटे पहले अपनी मां को संदेश भेजा था, जिसमें उन्होंने बताया था कि वह तीन दिन में कैलिफोर्निया के सैन जोस लौट जाएगा। वहां वह ‘कैडेंस डिजाइन सिस्टम’ में कार्यरत था।
उन्होंने बताया कि उनके दोस्तों ने उनके कमरे में रखे फोन बॉक्स से उनके आईफोन के आईएमईआई नंबर का पता किया और उसे मोंटाना के पार्क रेंजर्स और अन्य अधिकारियों को दे दिया, ताकि तलाशी अभियान में उन्हें इससे मदद मिल सकें। उन्होंने बताया कि हालांकि अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
चौधरी ने बताया कि सिद्धांत की मां प्रीति और पिता विट्ठल दोनों को बेहद सदमा लगा है और वह बात करने की स्थिति में नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सिएटल स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के सुरेश शर्मा ने घटना के बाद मुझे फोन किया, क्योंकि उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों को मेरा नंबर दिया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सोमवार से वाणिज्य दूतावास के संपर्क में हूं।’’
चौधरी ने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार और उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस समेत महाराष्ट्र के कई नेताओं ने सरकार को पत्र लिखकर इस मामले में मदद मांगी है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल विदेश मंत्री एस. जयशंकर के संपर्क में हैं और तलाशी अभियान पर नई जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। मोहोल पुणे के निवासी हैं।
चौधरी ने कहा, ‘‘सिद्धांत 2020 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स (यूसीएलए) से एमएस करने के लिए अमेरिका गए थे। वह 2023 में कैडेंस से जुड़े थे।’’
हेलीकॉप्टर के जरिये तलाश किये जाने के बावजूद सिद्धांत का शव अभी तक नहीं मिला है। अधिकारियों ने यह भी आशंका जताई है कि शव पेड़ों और चट्टानों के नीचे दबा हो सकता है।
भाषा
देवेंद्र