हिमाचल प्रदेश: विधानसभा की छह सीट के लिए उपचुनाव एक जून को होंगे
धीरज संतोष
- 16 Mar 2024, 09:31 PM
- Updated: 09:31 PM
शिमला, 16 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद रिक्त हुईं छह विधानसभा सीट पर उपचुनाव एक जून को होंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने शनिवार को यह जानकारी दी।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने यहां संवाददाताओं को बताया कि धर्मशाला, सुजानपुर, लाहौल एवं स्पीति, बड़सर, गगरेट और कुटलैहड़ में उपचुनाव होंगे।
ये सीट छह बागी कांग्रेस विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद रिक्त हो गईं। ये विधायक विधानसभा में कटौती प्रस्ताव और वित्त विधेयक (बजट) पर मतदान से दूर रहे थे। उन्हें विधानसभा में उपस्थित रहने और सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
गर्ग ने बताया कि राज्य की चार लोकसभा सीट हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और शिमला (एससी) के लिए 56,38,422 मतदाता सातवें चरण में एक जून को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे जिनमें से 28,79,200 पुरुष, 27,59,187 महिला और 35 लैंगिक रूप से तीसरे वर्ग के हैं।
हिमाचल प्रदेश के चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना सात मई को जारी की जाएगी और नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 14 मई है।
नामांकन की जांच के लिए 15 मई की तारीख तय की गई है, जबकि नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 16 मई है.
उन्होंने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच 15 मई को होगी जबकि नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 16 मई होगी। गर्ग के मुताबिक राज्य में 7,990 मतदान केंद्र हैं, जिनमें से 425 को ‘संवेदनशील’ माना गया है।
राज्य में देश का सबसे ऊंचाई पर स्थित मतदान केंद्र है जो लाहौल और स्पीति के ताशीगांग में 15,256 फुट की ऊंचाई पर है।
गर्ग के मुताबिक चंबा जिले के डलहौजी में मनोला मतदान केंद्र पर सबसे अधिक 1,410 मतदाता हैं, जबकि किन्नौर जिले के ‘का’ मतदान केंद्र पर सबसे कम 16 मतदाता पंजीकृत हैं।
उन्होंने बताया कि मतदान दल फतेहपुर के सत कुठेड़ा मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए नाव से 5.5 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।
कुछ अन्य दलों को बैजनाथ के सुदूरवर्ती बड़ा बंगाल क्षेत्र में हवाई मार्ग से पहुंचाया जाएगा। दोनों स्थान कांगड़ा जिले में हैं।
भाषा धीरज