राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी के विरोध में पंजाब और हरियाणा में कांग्रेस का प्रदर्शन
भाषा
- 01 Sep 2026, 04:13 PM
- Updated: 04:13 PM
चंडीगढ़, एक सितंबर (भाषा) कांग्रेस की पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ इकाई के कार्यकर्ताओं एवं नेताओं ने उत्तराखंड में पार्टी नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के विरोध में मंगलवार को यहां प्रदर्शन किया और इसे वापस लेने की मांग की।
राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान को राहुल गांधी ने ''जातिवादी रंग'' दिया।
राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के विरोध में कांग्रेस की हरियाणा इकाई के विधायकों और अन्य नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में यहां प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
इस विरोध प्रदर्शन में हुड्डा के अलावा कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, रघुवीर सिंह कादियान और अन्य नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग वाली तख्तियां थीं।
हुड्डा ने संवाददाताओं से कहा कि राहुल ने 'शुद्धीकरण' समारोह के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन इसके बजाय उनके खिलाफ ही मामला दर्ज कर दिया गया।
हुड्डा ने कहा, ''यह गलत है। इससे पता चलता है कि वे दलित विरोधी हैं।''
कांग्रेस की चंडीगढ़ इकाई ने भी प्रदेश अध्यक्ष एच एस लक्की के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। पुलिस ने अवरोधक लगाकर प्रदर्शनकारियों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय की ओर बढ़ने से रोक दिया। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय का घेराव करना चाहते थे।
प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के खिलाफ नारे लगाए और राहुल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग की।
लक्की ने आरोप लगाया कि पार्टी नेता के खिलाफ ''झूठी प्राथमिकी'' दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा, ''यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की मानसिकता को दर्शाता है, जो राहुल गांधी की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।''
कांग्रेस की पंजाब इकाई ने भी इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक राज कुमार वेरका के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग की गई। वेरका ने कहा कि ''हमारी लड़ाई जारी रहेगी।''
बाद में कांग्रेस की पंजाब इकाई के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए कृत्यों के आरोप लगाए गए हैं। प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएं भी लगाई गई हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 'शुद्धीकरण' समारोह के मुद्दे को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए इसे छुआछूत की प्रथा बताया था। उन्होंने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी।
यह राजनीतिक विवाद 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर किए गए 'शुद्धीकरण यज्ञ' के बाद शुरू हुआ। इससे पहले आठ अगस्त को इसी मैदान में खरगे की जनसभा हुई थी।
कांग्रेस ने इस घटना को भाजपा की ''दलित विरोधी मानसिकता'' का प्रतिबिंब बताया है। वहीं, भाजपा ने कार्रवाई का बचाव करते हुए दावा किया कि खरगे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल पर कचरा फैला हुआ था और धार्मिक स्थल के लिए अनुचित नारे लगाए गए थे।
नयी दिल्ली में 29 अगस्त को संवाददाता सम्मेलन में राहुल गांधी ने इस घटना की आलोचना की थी और 'शुद्धीकरण' के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एससी/एसटी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी।
भाषा