गुवाहाटी होटल गोलीबारी मामले का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया
भाषा
- 04 Nov 2026, 12:52 PM
- Updated: 12:52 PM
गुवाहाटी, चार नवंबर (भाषा) गुवाहाटी के एक होटल में हुई गोलीबारी की घटना का मुख्य आरोपी बुधवार को शिवसागर जिले में पुलिस हिरासत से कथित रूप से भागने की कोशिश के दौरान मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
गुवाहाटी के होटल में हुई गोलीबारी में पांच लोगों की जान गई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पापोरी चेतिया ने बताया कि मुठभेड़ गौरीसागर इलाके में उस समय हुई, जब आरोपी को एक अन्य मामले के सिलसिले में शिवसागर ले जाया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि घनकांत गोगोई (34) को गोलीबारी के मामले में गुवाहाटी की एक अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के कुछ ही घंटे बाद मंगलवार को शिवसागर पुलिस ने 2024 के एक बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया था।
एसएसपी चेतिया ने कहा, ''वह कई तरह के हथियार चलाने में माहिर था। जब वह शौच के लिए पुलिस वाहन से नीचे उतरा, तो उसने हमारे जांच अधिकारी का सरकारी हथियार छीनने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी के साथ हाथापाई हुई, जिसमें हमारा अधिकारी बुरी तरह घायल हो गया। अपने अधिकारी की जान बचाने के लिए शिवसागर सदर थाने के प्रभारी अधिकारी के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) को गोली चलानी पड़ी।''
एसएसपी ने बताया कि गोली लगने से घायल गोगोई को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
चेतिया के अनुसार, घायल पुलिस अधिकारी का स्थानीय अस्पताल में उपचार जारी है।
एसएसपी ने बताया, ''गोगोई एक आपराधिक मानसिकता का व्यक्ति था। वह हमारे अधिकारियों के लिए खतरा था। थाने के प्रभारी अधिकारी के बचाव में निजी सुरक्षा अधिकारी को गोली चलानी पड़ी।''
चेतिया ने बताया कि हाथापाई के दौरान जांच अधिकारी के हथियार से तीन गोलियां चलीं हालांकि इनमें से कोई भी किसी व्यक्ति को नहीं लगी। इनमें से एक गोली पुलिस वाहन में जा लगी।
गोगोई का इलाज करने वाले चिकित्सक ने बताया कि अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
चिकित्सक ने कहा, ''उसके दिल के पास गोली लगी थी। उसे मृत अवस्था में लाया गया था।''
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने गोगोई की गिरफ्तारी से जुड़े मामले का विवरण साझा करते हुए कहा कि यह मामला वर्ष 2024 में शिवसागर थाने में पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन प्रबंधक देबब्रत बरगोहाईं की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
चेतिया ने बताया, ''मामले की जांच जारी थी और आरोपी की गिरफ्तारी होनी बाकी थी। हम उसकी तलाश कर रहे थे। कल रात हमने उसे हिरासत में लिया और उसे शिवसागर लाया जा रहा था।''
गुवाहाटी के बोरा सर्विस इलाके में स्थित 'होटल बिलास इन' में 26 अक्टूबर की रात होटल के प्रबंधन को लेकर संपत्ति के मालिकों और पट्टाधारक के बीच हुए कथित विवाद के दौरान गोलीबारी की घटना हुई थी। इसमें एक कारोबारी परिवार के चार सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था।
घटना के तुरंत बाद पट्टाधारक गोगोई को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके पास से एक लाइसेंसी .32-बोर की पिस्तौल जब्त की गई जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर इस अपराध में किया गया था।
मृतकों की पहचान भूदेव भराली (65), उनकी बहन हेलेना (58), हेलेना के बेटे देबर्षि कश्यप (39) और बहू रिनिका कश्यप (30) तथा परिवार के कर्मचारी नारायण दास (48) के रूप में हुई थी।
गोलीबारी में भराली परिवार का चालक सत्येंद्र पाठक (43) भी घायल हुआ था।
असम पुलिस ने गोलीबारी की घटना की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। शोकाकुल परिवार ने आरोप लगाया था कि हमला सुनियोजित था और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी।
हालांकि, इस हत्याकांड के कुछ ही दिनों के भीतर एसआईटी के तीन सदस्यों का गुवाहाटी से तबादला कर दिया गया था। यह घटना शहर के मध्य इलाके में हुई थी।
सोमवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच आरोपी को घटनास्थल पर ले जाया गया था जहां अपराध का घटनाक्रम दोहराया गया।
पुलिस के एक बयान के अनुसार, भराली परिवार ने 10 सितंबर 2025 को आरोपी के साथ पांच साल का पट्टा समझौता किया था। इसके तहत करीब 1.8 लाख रुपये मासिक किराया तय किया गया था।
बयान में कहा गया कि आरोपी द्वारा संपत्ति का नवीनीकरण कराए जाने के बाद परिसर के इस्तेमाल और कुछ सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर मतभेद पैदा हो गए थे।
इन मुद्दों को सुलझाने के लिए 26 अक्टूबर को होटल में एक बैठक तय की गई थी। हालांकि, बैठक शुरू होने से पहले ही बहस हाथापाई में तब्दील गई जिसके बाद गोगोई ने छह लोगों पर गोलीबारी कर दी।
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