प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को गुजरात, महाराष्ट्र का दौरा करेंगे
भाषा
- 07 Sep 2026, 02:09 PM
- Updated: 02:09 PM
नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को गुजरात और महाराष्ट्र का दौरा कर विभिन्न विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट' का उद्घाटन करेंगे।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी सबसे पहले वडोदरा जाएंगे, जहां वह विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह इस अवसर पर एक सभा को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री जिन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, उनमें 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे (डब्ल्यूडीएफसी) के 326 किलोमीटर लंबे तीन महत्वपूर्ण खंड शामिल हैं। इनमें साणंद (उत्तर)-मकरपुरा, न्यू उमरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (जेएनपीए) खंड शामिल हैं।
जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण से सीधी संपर्क सुविधा मिलने से आयात-निर्यात माल की आवाजाही तेज होगी, औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच संपर्क मजबूत होगा, माल ढुलाई की लागत कम होगी और मुंबई के रेल नेटवर्क पर दबाव घटाने में मदद मिलेगी।
इन खंडों के चालू होने के बाद समर्पित माल ढुलाई गलियारे (डीएफसी) का पूरा नेटवर्क परिचालन में आ जाएगा।
प्रधानमंत्री न्यू साणंद (उत्तर), न्यू मकरपुरा, न्यू उमरगांव और मुंबई के न्यू जेएनपीटी से मालगाड़ी सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाएंगे।
इसके अलावा, वह वडोदरा और टांडा रोड के बीच एक नयी ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे वडोदरा, छोटा उदयपुर और अलीराजपुर जिलों के लोग लाभान्वित होंगे।
मोदी 329 किलोमीटर लंबी और 9,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें वडोदरा-रतलाम तीसरी एवं चौथी रेल लाइन, मियागाम करजन-चोरांडा-मालसर गेज परिवर्तन परियोजना और विश्वामित्री-दभोई रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना शामिल हैं।
वह करीब 1,780 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की भी आधारशिला रखेंगे।
मोदी गुजरात सरकार की करीब 2,600 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री मुंबई में 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट' (जीएफएफ) 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह वित्तीय प्रौद्योगिकी से संबंधित दुनिया के सबसे बड़े और प्रभावशाली वार्षिक सम्मेलनों में से एक है।
'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट' का सातवां संस्करण आठ से 11 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
जीएफएफ 2020 से एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में उभरा है, जहां नीति निर्माता, नियामक, केंद्रीय बैंक, वित्तीय संस्थान, वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियां, प्रौद्योगिकी कंपनियां, निवेशक, शिक्षाविद और अन्य वैश्विक हितधारक वित्त क्षेत्र के भविष्य को आकार देने से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं।
जीएफएफ 2026 की विषयवस्तु 'संभावना से प्रभाव तक: 'एजेंटिक एआई', 'टोकनाइजेशन' एवं 'क्वांटम' -समावेशी वित्त के लिए भरोसेमंद, परस्पर जुड़े वैश्विक तंत्र' है। 'एजेंटिक एआई' से आशय ऐसी कृत्रिम मेधा (एआई) प्रणाली से है जो तय लक्ष्य हासिल करने के लिए काफी हद तक स्वयं निर्णय लेकर काम कर सकती है, जबकि 'टोकनाइजेशन' का अर्थ किसी संपत्ति या अधिकार को डिजिटल टोकन के रूप में प्रस्तुत करना है।
जीएफएफ 2026 को नीति, विनियमन, प्रौद्योगिकी, पूंजी और उद्योग को एक साझा मंच पर लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसका मकसद डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका को आगे बढ़ाते हुए संभावनाओं को ठोस परिणामों में बदलना है।
सम्मेलन में इस बात पर चर्चा होगी कि एजेंटिक एआई, प्रोग्राम किए जा सकने वाले वित्तीय साधन, क्वांटम प्रौद्योगिकी और अन्य महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियां दुनिया भर में नागरिकों, उद्यमों और अर्थव्यवस्थाओं के लिए भरोसेमंद, समावेशी और मापने योग्य परिणाम कैसे सुनिश्चित कर सकती हैं।
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