शुभेंदु ने तृणमूल पर हमला बोला: भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा को लेकर ममता-अभिषेक पर निशाना साधा
रंजन
- 22 Jul 2026, 10:54 PM
- Updated: 10:54 PM
कोलकाता, 22 जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की 'शहीद दिवस' रैली के जरिए राजनीतिक विमर्श पर कब्जा करने की कोशिश के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को शुभेंदु अधिकारी ने भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस के राजनीतिकरण और तुष्टिकरण की राजनीति करने के मुद्दों पर ममता बनर्जी की पिछली सरकार पर जोरदार हमला बोला।
गृह और पहाड़ी मामलों के विभाग के बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए, अधिकारी ने टीएमसी के 21 जुलाई के शक्ति प्रदर्शन के राजनीतिक संदेश को कमज़ोर करने की कोशिश की।
उन्होंने सरकार के फैसलों की घोषणाओं के साथ-साथ पिछली सरकार पर लगातार हमले किए और ममता बनर्जी तथा उनके भतीजे (टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी) को खुली चुनौती दी।
मुख्यमंत्री ने अभिषेक पर पलटवार किया, जिन्होंने सोमवार की रैली में कहा था, ''अगर मैं जिंदा रहा तो वर्ष 2031 में हर हिसाब ब्याज समेत चुकाऊंगा।''
बिना नाम लिए अधिकारी ने कहा, ''एक 'ब्रांडेड चोर' हमें उपदेश दे रहा है। वक़्त बताएगा कि आप अंदर रहेंगे या बाहर। वह कहते हैं कि हिसाब बराबर करेंगे? पहले बाहर तो रहिए, तभी तो हिसाब बराबर कर पाएंगे।''
उन्होंने टीएमसी सांसद का मजाक उड़ाते हुए उन्हें ''वह लड़का, एक क्षेत्रीय पार्टी का अखिल भारतीय महासचिव... बैलगाड़ी की हेडलाइट' कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक का हाल आखिरकार 'खुद को 'पुष्पा' कहने वाले जहांगीर खान से भी बुरा' होगा, जो फाल्टा विधानसभा उपचुनाव से भाग गए थे।
चुनाव की चुनौती देते हुए अधिकारी ने कहा, ''डायमंड हार्बर से लड़िए। वहां 40 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम वोट हैं। मैं आपको उस अंतर से भी बड़े अंतर से हराऊंगा जिससे आप जीते थे।''
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) यह सुनिश्चित करेगी कि 'पश्चिम बंगाल में इस भतीजा-केंद्रित तृणमूल का कोई नामो-निशान न रहे।'
मुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर बार-बार असंवेदनशील टिप्पणियाँ कीं।
महिलाओं पर अत्याचार की कई अहम घटनाओं का जिक्र करते हुए अधिकारी ने कहा, ''आपने कामदुनी घटना को 'छोटी घटना' कहा था। बारासात मामले पर आपने टिप्पणी की थी, 'जैसे शरीर होने पर कोई बीमार पड़ता है, वैसे ही थोड़ा-बहुत बलात्कार की घटनाएं तो होती ही हैं।'
उन्होंने कहा कि आपने मैनागुरी की घटना को 'प्रेम प्रसंग' बताया था। आरजी कर मामले में आपने कहा था, 'अगर माता-पिता चाहें तो मैं उन्हें 10 लाख रुपये दे सकती हूं।' महिलाओं की सुरक्षा पर तत्कालीन मुख्यमंत्री से हमने यही बयान सुने थे।''
आरजी कर अस्पताल में बलात्कार के बाद हत्या के मामले का जिक्र करते हुए अधिकारी ने टीएमसी सरकार पर जानबूझकर कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए अधिकारी ने कहा, ''आप जितना कम बोलेंगी, उतना ही आपके लिए बेहतर होगा। आपने जितने भी दंगे भड़काए हैं, उनके लिए कोई भी सनातनी आपको कभी माफ नहीं करेगा।''
मुख्यमंत्री ने बनर्जी पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने प्रशासनिक और राजनीतिक मशीनरी के पक्ष में जन-राजनीति का रास्ता छोड़ दिया है।
अधिकारी ने आरोप लगाया, ''टीएमसी सरकार ने अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए पुलिस का राजनीतिकरण किया है। हम ऐसे प्रयासों के खिलाफ हैं।''
जनता की शिकायतों के चलते टीएमसी नेताओं पर अंडे फेंके जाने की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस प्रथा के खिलाफ हैं। उन्होंने आगे कहा, ''लेकिन भाजपा नेताओं पर पत्थर फेंकने वाली तो टीएमसी ही थी।''
भाजपा सरकार द्वारा टीएमसी की 21 जुलाई की रैली को रोकने के प्रयास के आरोपों को खारिज करते हुए अधिकारी ने कहा, ''अगर हम 21 जुलाई की रैली को रोकना चाहते, तो दुनिया की कोई भी ताकत इसे होने नहीं देती।''
अपनी सरकार के कानून-व्यवस्था के एजेंडे पर जोर देते हुए अधिकारी ने घोषणा की कि 26,000 पुलिस कांस्टेबल की भर्ती की जाएगी और उनमें से 16,000 को इस साल की दुर्गा पूजा से पहले तैनात किया जाएगा।
भाषा संतोष रंजन
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