सभी सुधारों के केंद्र में नागरिकों का कल्याण होना चाहिए: मोदी ने सचिवों से कहा
रंजन
- 22 Jul 2026, 10:51 PM
- Updated: 10:51 PM
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि सभी सुधारों के केंद्र में नागरिकों का कल्याण होना चाहिए और लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई ऐसी योजनाओं को वास्तविक गति मिलनी चाहिए।
मोदी ने कहा कि ये योजनाएं सार्थक बदलाव लाने वाली साबित होनी चाहिए।
'विकसित भारत' के लक्ष्यों की दिशा में ग्रामीण विकास, कृषि, सामाजिक कल्याण और संबंधित क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा के लिए सचिवों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मोदी ने जोर दिया कि सुधारों का उद्देश्य केवल सरकार के कामकाज में सुधार करना नहीं है, बल्कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा को गति देना भी है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ''प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सभी सुधारों के केंद्र में नागरिकों का कल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए सुधारों को वास्तविक गति मिलनी चाहिए और ये सार्थक बदलाव लाने वाले होने चाहिए।''
मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि शासन व्यवस्था में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और उन्होंने गतिशील एवं निरंतर बदलते परिवेश की जरूरतों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए शासन प्रक्रियाओं को अनुकूल बनाने और मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सरकार के सभी अंगों के समन्वित प्रयास की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' का सपना 'जन आंदोलन' में बदलना चाहिए और भारत के युवाओं को इस संकल्प का आधार बनना चाहिए।
मोदी ने युवाओं के बीच मादक पदार्थों की गंभीर समस्या से निपटने के महत्व पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने खेलों के विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
मोदी ने खेल क्षेत्र में प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने और स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार को प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर दिया।
सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विभिन्न पहलों और चुनौतियों से जुड़े अपने अनुभव और विचार साझा किए।
बयान के अनुसार प्रधानमंत्री ने भविष्य की कार्ययोजना को लेकर अपने सुझाव और अपना दृष्टिकोण साझा किया।
बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों के साथ-साथ पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
भाषा
देवेंद्र रंजन
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