सिक्किम सुरंग ढही: एक और मजदूर का शव बरामद, 20 में से अब तक 13 शव निकाले गए
रंजन
- 22 Jul 2026, 09:09 PM
- Updated: 09:09 PM
नामची, 22 जुलाई (भाषा) सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन 'एनएचपीसी तीस्ता चरण-6 जलविद्युत परियोजना' की सुरंग से बुधवार को एक और मजदूर का शव बरामद किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही हादसे में मारे गए लोगों में से अब तक 13 मजदूरों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं।
मीथेन गैस के संदिग्ध विस्फोट के बाद सुरंग ढहने से कुल 20 मजदूरों की मौत हो गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के भीतर कीचड़ और पानी जमा हो जाने के कारण राहत एवं बचाव कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था, जिसे बुधवार सुबह दोबारा शुरू किया गया।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और आसनसोल की बचाव टीम ने तड़के ही अभियान संभाल लिया और उनका मुख्य ध्यान सुरंग से पानी बाहर निकालने पर केंद्रित रहा।
अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल लगातार खोज और बचाव अभियान में जुटे हुए हैं, ताकि अंदर फंसे बाकी लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।
एनएचपीसी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, चट्टानों के भीतर फंसी मीथेन गैस में अचानक हुए जोरदार धमाके से यह हादसा हुआ। इस विस्फोट के बाद सुरंग में घना धुआं और जहरीली गैसें भर गईं।
घटनास्थल पर चिकित्सा दल और एंबुलेंस लगातार तैनात हैं, ताकि राहत कार्य में लगे कर्मियों और प्रभावितों को तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता दी जा सके।
इस बीच, एनएचपीसी ने बुधवार को हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
कंपनी ने बयान जारी कर गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
कंपनी ने बताया कि जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), एनएचपीसी, पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और स्थानीय अधिकारियों समेत कई एजेंसियां मिलकर चौबीसों घंटे बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी हादसे में मारे गए मजदूरों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का मंगलवार को ऐलान किया था।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री की ओर से भी मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की जा चुकी है।
उधर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तमांग से आग्रह किया कि हिमालयी राज्य में सुरंग निर्माण कार्य में लगे झारखंड के प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
झारखंड के अधिकारियों के अनुसार, सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी के निर्माण कार्य में झारखंड के खूंटी, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के कम से कम चार श्रमिक कार्यरत थे। इनमें से दो की मौत हो गई है, जबकि दो अन्य अब भी लापता हैं।
घटना को दुखद और चिंताजनक बताते हुए सोरेन ने कहा कि इस हादसे से झारखंड के कुछ श्रमिक भी प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "मैं माननीय मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग जी से आग्रह करता हूं कि कृपया झारखंड के प्रभावित श्रमिकों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं।"
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार लगातार संपर्क में है और राज्य के श्रमिकों के परिवारों को हर आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, "इस कठिन घड़ी में हमारी पूरी संवेदना प्रभावित परिवारों के साथ है।"
भाषा सुमित रंजन
रंजन
2207 2109 नामची