प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने को लेकर चंडीगढ़ में कांग्रेस, भाजपा का अलग-अलग प्रदर्शन
रंजन
- 22 Jul 2026, 08:00 PM
- Updated: 08:00 PM
चंडीगढ़, 22 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्षी दलों के प्रदर्शन और युवाओं के आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में बुधवार को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अलग-अलग प्रदर्शन किए। इस दौरान पुलिस ने दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में ले लिया।
पंजाब भाजपा के नेता और कार्यकर्ता जब बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले से ही मजबूत बैरीकेडिंग कर रखी थी।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में हाथों में पार्टी के झंडे लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर धरना देने पर कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए भाजपा के पंजाब इकाई के प्रमुख ढिल्लों ने प्रधानमंत्री निवास के बाहर कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन की कड़े शब्दों में निंदा की।
ढिल्लों ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के शासनकाल के दौरान भी प्रतियोगी परीक्षाओं के पर्चे लीक होने की कई घटनाएं हुई थीं, लेकिन कांग्रेस ने इस दिशा में कभी कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने सवाल किया, "उस समय कांग्रेस कहां थी?"
जब भाजपा कार्यकर्ता और नेता कांग्रेस कार्यालय की ओर जबरन जाने का प्रयास कर रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और बसों में बैठाकर ले गई। इस प्रदर्शन में केवल सिंह ढिल्लों के अलावा परमिंदर सिंह बराड़, प्रीतपाल सिंह बलियावाल, संजीव वशिष्ठ और विनीत जोशी सहित प्रदेश भाजपा के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल थे।
दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने भी परीक्षाओं के पर्चे लीक होने के मामले और मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान अपने शीर्ष नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा समेत कई प्रमुख नेताओं को मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने के दौरान पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और सोमवार को संसद मार्च कर रहे युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी भर्त्सना की। बाद में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों के विरोध में तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन (सोमवार को) दिल्ली में संसद भवन के पास हजारों की संख्या में छात्र और युवा एकत्र हुए थे।
उस समय प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे।
भाषा सुमित रंजन
रंजन
2207 2000 चंडीगढ़