राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक शुरू, प्रमुख रिक्तियों और सीईओ नियुक्ति पर चर्चा की संभावना
जोहेब
- 22 Jul 2026, 04:32 PM
- Updated: 04:32 PM
अयोध्या (उप्र), 22 जुलाई (भाषा) चढ़ावा चोरी विवाद के बीच बुधवार को अपराह्न तीन बजे यहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हुई, जिसमें नए महासचिव की नियुक्ति, ट्रस्टी के तीन खाली पदों को भरने और मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति पर विचार-विमर्श किया जाना है।
इस विशेष बैठक के बाद ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास मणिराम छावनी में ट्रस्ट की नियमित बैठक होगी।
ट्रस्ट के सूत्रों ने बताया कि अधिकांश ट्रस्टी मंगलवार को अयोध्या पहुंचे थे, जबकि कुछ सदस्य दिल्ली और लखनऊ से डिजिटल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
ट्रस्ट के सदस्य और निर्मोही अखाड़े के प्रमुख महंत दिनेंद्र दास ने बैठक से पहले 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि वह ट्रस्ट के तीन रिक्त पदों में से एक के लिए दिवंगत ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के बेटे यतींद्र मोहन प्रताप मिश्रा के नाम का प्रस्ताव रखेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए दबाव डालेंगे कि राम मंदिर में पूजा-अर्चना पूरी तरह से वैष्णव-रामानंदी परंपरा के अनुसार जारी रहे।
दास ने उम्मीद जताई कि ट्रस्ट राम मंदिर के प्रशासन को मजबूत करने और इसके प्रबंधन को बेहतर बनाने में सक्षम लोगों की नियुक्ति करेगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या ट्रस्ट में पूर्व महासचिव चंपत राय की संभावित वापसी पर कोई चर्चा हुई है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे कोई जानकारी नहीं मिली है और ट्रस्ट सामूहिक रूप से जो भी निर्णय लेगा वह स्वीकार्य होगा।
विशेष बैठक में चंपत राय के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट में तीन रिक्तियों को भरने के अलावा नए महासचिव की नियुक्ति पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। चढ़ावा चोरी मामले में राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे और ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा की मृत्यु के बाद ये पद खाली हो गए थे।
सूत्रों ने कहा कि बैठक में नव सृजित सीईओ पद के लिए प्रशासनिक ढांचे पर भी चर्चा होने की संभावना है। दूसरे सत्र में वित्तीय पारदर्शिता पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है, जिसमें चढ़ावे के गणना, दान को संभालने और ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन की निगरानी को मजबूत बनाने की व्यवस्था शामिल है।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी, सुगम और आरती पास जारी करने और अन्य प्रशासनिक मामलों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों ने बताया कि अधिकांश ट्रस्टी मंगलवार तक अयोध्या पहुंच चुके थे, जबकि कुछ सदस्यों के दिल्ली और लखनऊ से ऑनलाइन माध्यम से भाग लेने की उम्मीद है।
ट्रस्ट ने 18 जुलाई तक सीईओ पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2500 से 5500 आवेदन प्राप्त हुए हैं, हालांकि कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
चयन प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों ने कहा कि प्रतिक्रिया ''जबरदस्त'' थी, कथित तौर पर कई सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारियों, वरिष्ठ नौकरशाहों और पेशेवरों से आवेदन प्राप्त हुए हैं।
ऐसी अटकलें हैं कि ट्रस्ट तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति को बड़ी संख्या में आवेदनों की जांच करने के लिए अतिरिक्त समय दे सकता है।
विशेषज्ञ समिति को आवेदनों का मूल्यांकन करने और उपयुक्त उम्मीदवारों की सिफारिश करने का काम सौंपा गया है। इस समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और एनआईटी, रायपुर के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। अंतिम नियुक्ति ट्रस्ट द्वारा की जाएगी।
सीईओ का पद वित्तीय निगरानी को मजबूत बनाने, संस्थागत जवाबदेही में सुधार करने और मंदिर के दैनिक कामकाज को सुव्यवस्थित करने के लिए व्यापक प्रशासनिक बदलाव के तहत सृजित किया गया है।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने पहले कहा था कि सीईओ की प्राथमिक जिम्मेदारी वित्तीय व्यवस्था और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं की देखरेख करते हुए ट्रस्ट में श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के कामकाज में कोई सरकारी हस्तक्षेप नहीं होगा।
ट्रस्ट के सूत्रों ने कहा कि बुधवार की बैठकें छह जुलाई की बैठक की कार्यवाही की औपचारिक पुष्टि भी करेंगी। छह जुलाई की बैठक दौरान ट्रस्ट डीड में संशोधन की सिफारिश करने और श्रद्धालुओं के प्रसाद की जिम्मेदारी, मूल्यांकन व निपटान के लिए दिशानिर्देश तैयार करने को लेकर एक समिति का गठन किया गया था।
भाषा किशोर जफर जोहेब
जोहेब
2207 1632 अयोध्या