लोकसभा: हंगामे के कारण कार्यवाही दो बजे तक स्थगित, सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा को तैयार
माधव
- 22 Jul 2026, 01:04 PM
- Updated: 01:04 PM
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
इस बीच सरकार ने निचले सदन में कहा कि वह नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और यह चर्चा कब होनी है, कितनी लंबी होनी है और किस नियम के तहत होनी है, इसका निर्णय अध्यक्ष ओम बिरला सभी दलों के नेताओं से बात कर लेंगे।
लोकसभा की कार्यवाही सुबह स्थगित होने के बाद दोबारा 12 बजे शुरू हुई तो अध्यक्ष ओम बिरला ने सरकार की ओर से वक्तव्य देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू का नाम पुकारा।
इसी बीच कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और इस मुद्दे पर विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग भी की।
उन्होंने कहा कि सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे ''छात्रों के खिलाफ जिस तरह सरकार की ओर से बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई, उससे पूरा देश दुखी है।''
उन्होंने कहा, ''हमारी मांग बहुत स्पष्ट है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। अगर आप स्वीकार करते हैं तो हमारे कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराएं।''
रीजीजू ने कहा, ''सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमने पहले दिन से यह बात कही है। लेकिन चर्चा नियम के तहत होती है। चर्चा कब होनी है, कितनी लंबी होनी है और किस नियम के तहत होनी है, इसका निर्णय अध्यक्ष (बिरला) सभी दलों के नेताओं से बात कर लेंगे।''
उन्होंने कहा, ''इस देश के युवाओं के भविष्य के लिए हम सब मिलकर सार्थक चर्चा करें, सरकार यही चाहती है।''
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि यह मुद्दा कांग्रेस, सपा और भाजपा का नहीं, बल्कि युवाओं, छात्रों और नौजवानों का है।
उन्होंने कहा, ''अगर छात्रों की बात नहीं सुनी जाएगी तो वे सड़कों पर उतरेंगे। छात्रों के साथ जो व्यवहार हुआ है। उनके हाथ तोड़े गए, सिर फोड़े गए और कपड़े फाड़े गए।''
यादव ने कल प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के धरना प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, ''हम और राहुल गांधी मजबूरी में प्रधानमंत्री आवास गए थे। यहां हमारी बात सुन लेते तो हम नहीं जाते। क्या प्रधानमंत्री बयान नहीं दे सकते। वह युवाओं के लिए बाहर बोल सकते हैं तो क्या यहां नहीं बोल सकते।''
लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि सभी के मत आ गए हैं और दोनों पक्ष चर्चा चाहते हैं। उन्होंने कहा, ''सरकार ने खुले मन से कहा है कि वह चर्चा के लिए तैयार है।''
इस बीच विपक्षी सदस्यों का शोर-शराबा जारी रहा और अध्यक्ष ने बैठक अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी।
सदन में पिछले दो दिन की तरह ही प्रश्नकाल नहीं चल सका।
कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
बिरला ने उनसे प्रश्नकाल चलने देने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद जिन मुद्दों पर नोटिस दिए गए हैं, उन सभी पर चर्चा कराई जाएगी।
बिरला ने कहा, ''अभी प्रश्नकाल है। यह महत्वपूर्ण है। प्रश्नकाल के बाद आप जिन मुद्दों पर नोटिस दे चुके हैं, उन पर चर्चा कराने के लिए मैं तैयार हूं। आप जितनी देर चाहें, चर्चा कर सकते हैं लेकिन पहले से तय रणनीति के तहत व्यवधान पैदा करना उचित नहीं है।''
सदन में हंगामा थमते न देख बिरला ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन में आज कई विपक्षी सदस्य विरोध स्वरूप काले परिधान पहनकर आए थे।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरु हुआ है और इन मुद्दों को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही लगातार बाधित है।
भाषा वैभव माधव
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