विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिए
सिम्मी
- 22 Jul 2026, 12:03 PM
- Updated: 12:03 PM
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य रेणुका चौधरी और सैयद नासिर हुसैन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ''ज्यादती'' और देश की परीक्षा प्रणाली में कथित ''संकट'' के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए बुधवार को राज्यसभा में नियम 267 के तहत स्थगन नोटिस दिया।
दोनों सांसदों ने 'नीट' प्रश्नपत्र लीक और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए दिन की निर्धारित कार्यवाही स्थगित कर इन मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की।
आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी नियम 267 के तहत नोटिस देकर सोमवार को संसद की ओर मार्च करने वाले छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई, परीक्षा सुधारों और अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की।
रेणुका चौधरी ने अपने नोटिस में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों के खिलाफ पुलिस द्वारा कथित ''अत्यधिक'' बल प्रयोग किए जाने के मुद्दे पर सदन में चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि 'नीट-यूजी 2026' का प्रश्नपत्र बड़े पैमाने पर लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द किए जाने से 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए। उन्होंने यह भी कहा कि कम से कम 65 भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं ने युवाओं का योग्यता आधारित चयन प्रक्रिया पर विश्वास कमजोर किया है, जबकि सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं ने मूल्यांकन की शुद्धता, निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि इन घटनाओं के कारण छात्रों और उनके परिवारों पर शैक्षणिक, आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ा है तथा पिछले पांच वर्षों में 'नीट' से जुड़े मामलों में 93 छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबरें सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक राष्ट्रीय व्यवस्था की तत्काल आवश्यकता है और इस विषय पर सदन में तत्काल चर्चा होनी चाहिए।
सैयद नासिर हुसैन ने अपने नोटिस में कहा कि छात्रों और उनके अभिभावकों के खिलाफ पुलिस द्वारा कथित ''अत्यधिक'' बल प्रयोग किया गया, जिसमें लाठीचार्ज तथा आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल शामिल है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा की जानी चाहिए।
हुसैन ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं, जिनमें कुछ के हाथ-पैर और पसलियां टूटने की भी खबरें हैं, जिससे प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों की शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा और बढ़ गई।
उन्होंने देश की परीक्षा, मूल्यांकन और भर्ती प्रणाली में लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए व्यापक सुधारों पर भी चर्चा कराने की मांग की।
भाषा मनीषा सिम्मी
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