संरा मिशन की इमारत खाली कराने के तीन सप्ताह बाद भी भारतीय राजनयिक को अपने परिसर लौटने की अनुमति नहीं
खारी
- 21 Jul 2026, 01:21 PM
- Updated: 01:21 PM
(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क, 21 जुलाई (भाषा) संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के भारतीय राजनयिक निर्माणाधीन इमारत में संरचनात्मक क्षति की सूचना पर परिसर खाली कराने के आदेश जारी किए जाने के तीन सप्ताह बाद भी अपने कार्यालय परिसर में वापसी नहीं कर पाए हैं।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित भारत के स्थायी मिशन की इमारत में मिशन के कार्यालयों के अलावा वहां तैनात भारतीय राजनयिकों, अधिकारियों और उनके परिवारों के आवास भी हैं।
मैनहट्टन की 42वीं स्ट्रीट पर 'सेकेंड और थर्ड एवेन्यू' के बीच स्थित 37 मंजिला भवन के निर्माण स्थल पर संरचनात्मक खामियों की सूचना मिलने के बाद सात जुलाई को इस इमारत के साथ-साथ आसपास की कई अन्य ऊंची इमारतों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी एहतियातन खाली करा लिया गया था।
जानकारी के अनुसार, 37 मंजिला इस इमारत में कभी दवा कंपनी का मुख्यालय हुआ करता था।
संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी मिशन इस प्रभावित इमारत के ठीक सामने स्थित है। इस क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र के कई सदस्य देशों के स्थायी मिशन, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के कार्यालय, प्रमुख होटल, रेस्तरां, आवासीय इमारतें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं।
परिसर खाली कराने के आदेश के बाद भारतीय राजनयिकों, अधिकारियों और उनके परिवारों ने एहतियात के तौर पर इमारत खाली कर दी थी। इसके बाद उन्हें शहर के विभिन्न होटलों में अस्थायी रूप से ठहराया गया।
इस भवन के आसपास के अधिकांश क्षेत्र से एक दिन के भीतर ही निकासी संबंधी आदेश हटा लिए गए और लोग अपने घरों तथा कार्यालयों में लौट आए। प्रभावित इमारत के आसपास की सड़कों को भी पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।
हालांकि, भारत के स्थायी मिशन, क्षेत्र के एक स्कूल और एक होटल पर अब भी निकासी संबंधी आदेश लागू हैं और वहां किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं है।
घटना के तीन सप्ताह बाद भी न्यूयॉर्क शहर के मेयर कार्यालय या भवन विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन का परिसर अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए कब खोला जाएगा।
परिसर में जाने की अनुमति नहीं मिल पाने के कारण भारतीय राजनयिकों और उनके परिवारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और उनके सामान्य जीवन तथा कामकाज पर भी इसका व्यापक असर पड़ा है।
भाषा तान्या खारी
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2107 1321 न्यूयॉर्क