गुजरात एटीएस जैश के पांच सदस्यों को जांच के सिलसिले में पाटन के एक गांव ले गई
दिलीप
- 20 Jul 2026, 10:44 PM
- Updated: 10:44 PM
पाटन, 20 जुलाई (भाषा) गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) पिछले हफ्ते गिरफ्तार प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद (जेईएम) के पांच कथित सदस्यों को सोमवार को पाटन जिले के एक गांव ले गया, जहां जांच के तहत उनमें से एक के मकान की तलाशी ली गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन से कथित तौर पर जुड़े आरोपी गिरफ्तारी से पहले बम बनाने की तकनीक सीखने की कोशिश कर रहे थे और विस्फोट करने की तैयारियों में जुटे थे।
उन्होंने बताया कि एटीएस की एक टीम ने कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी मोहम्मद अयूब कादीवाला (22) की मौजूदगी में सिद्धपुर तालुक के खडियासन गांव स्थित उसके मकान की तलाशी ली।
अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान जांचकर्ताओं ने मकान के अलग-अलग हिस्सों को खंगाला और बम बनाने की कथित साजिश की जांच के तहत सबूत इकट्ठा किए।
अहमदाबाद के बिलाल शेरा (24), बनासकांठा निवासी शफी रईस मुखी (21) और पाटन के रहने वाले मोहम्मद अयूब कादीवाला (22), मोहम्मद अयूबभाई सुनसारा (20) और मोहम्मद हसन हनीफभाई करदिया (20) को 15 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। बाद में एक अदालत ने उन्हें आठ दिन के लिए एटीएस की हिरासत में भेज दिया।
एटीएस का आरोप है कि जैश के संदिग्ध सदस्य इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों के साथ मिलकर आईईडी (परिष्कृत विस्फोटक सामग्री) बनाने, विस्फोट करने के तरीकों का अध्ययन करने और पोटैशियम नाइट्रेट, सल्फर और चारकोल जैसी सामग्री जुटाने में शामिल थे।
आतंकवाद रोधी एजेंसी ने दावा किया कि 2023 से फरवरी 2026 के बीच आरोपियों ने अलग-अलग जगहों पर आठ बार विस्फोटक टाइमर की कार्यप्रणाली और विस्फोट करने के तरीकों का अध्ययन करने का प्रयास किया।
एटीएस ने दो जुलाई को पहली कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इन लोगों ने जैश के पाकिस्तान स्थित स्थानीय मोर्चे 'दारुल इस्लाम गुजरात जेईएम' का गठन किया था। उनसे पूछताछ के आधार पर 15 जुलाई को पांच अन्य कथित सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया।
इन लोगों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस को आरोपियों के पास से जैश का झंडा, संगठन के संस्थापक मसूद अजहर की जिहाद पर लिखी किताबों की मुद्रित प्रतियां, उसके नाम संबोधित एक पत्र की प्रति और आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए कथित तौर पर रखे गए 1.30 लाख रुपये बरामद हुए।
जैश के गिरफ्तार सभी 13 कथित सदस्यों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भाषा पारुल दिलीप
दिलीप
2007 2244 पाटन