लोकसभा: विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही लगातार बाधित, बैठक तीन बजे तक स्थगित
हक
- 20 Jul 2026, 02:49 PM
- Updated: 02:49 PM
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) लोकसभा में सोमवार को विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके, वहीं कार्यवाही अनेक बार स्थगित होने के बाद अपराह्न तीन बजे तक स्थगित कर दी गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्वाह्न 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने के बाद सदन के छह पूर्व सदस्यों और कतर के पूर्व अमीर के निधन की सूचना दी और सदस्यों ने कुछ क्षण मौन रखकर दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों के सदस्य आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे।
बिरला ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कार्यवाही चलने देने का अनुरोध करते हुए कहा, ''सदन की परंपरा और प्रतिष्ठा को बनाए रखें। नारेबाजी से संसद की मर्यादा नहीं बनती, तर्कों के साथ चर्चा करें।''
हालांकि हंगामा नहीं थमता देख उन्होंने बैठक करीब 12 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
दोपहर 12 बजे बैठक पुन: आरंभ होते ही विपक्षी सदस्य एक बार फिर नारेबाजी करते हुए आसन के समीप पहुंच गए। उन्होंने 'न्याय दो' और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' के नारे लगाए।
पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने हंगामा कर रहे सदस्यों से सदन चलने देने की अपील की।
उन्होंने कहा, ''यह सदन का महत्वपूर्ण समय है, सभी विषयों पर चर्चा होगी, आपके मुद्दों पर भी सदन में चर्चा होगी। नारेबाजी करने से सदन नहीं चलेगा। कृपया स्थान पर बैठ जाइए। कई प्रदेशों में बाढ़ की समस्या है, उस पर चर्चा कीजिए।''
इस बीच, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया, जिसमें उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश समेत न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रावधान है।
सैकिया ने आसन के समीप नारेबाजी कर रहे विपक्षी सांसदों से कहा, ''आज मानसून सत्र का पहला दिन है, आप देश की जनता को अच्छा संदेश दीजिए, सदन चलने दीजिए।''
हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही 12 बजकर छह मिनट पर दोपहर 12.30 बजे तक स्थगित कर दी।
दो बार के स्थगन के बाद बैठक फिर शुरू हुई तो पीठासीन सभापति सैकिया ने आसन के समीप हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से शून्यकाल चलने देने की अपील की।
सैकिया ने अपनी अपील का असर नहीं होने पर बैठक पांच मिनट बाद ही पूर्वाह्न एक बजे तक स्थगित कर दी।
अपराह्न एक बजे बैठक शुरू होने पर भी स्थिति जस की तस बनी रही और कार्यवाही कुछ मिनट बाद ही दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
सदन की बैठक दो बजे आरंभ होने पर विपक्ष के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के कारण अफरा-तफरी के बीच सांसदों को संसद में आने से रोका जा रहा है और उसके द्वार बंद कर दिए गए हैं।
इस पर पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने कहा कि अध्यक्ष बिरला के आदेश के अनुसार किसी भी सांसद को किसी गेट पर नहीं रोका जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सदन का एजेंडा सरकार द्वारा नहीं, बल्कि कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) द्वारा तय किया जाता है।
पाल ने कुछ विपक्षी सदस्यों को टोकते हुए कहा कि वो तख्तियां नहीं दिखा सकते क्योंकि यह नियमों के खिलाफ है।
हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने सदन की बैठक अपराह्न दो बजकर तीन मिनट पर
ढाई बजे तक स्थगित कर दी। बैठक एक बार फिर शुरू हुई तो स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं दिखाई दिया और विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और तेज हो गई।
इस बीच पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने आसन के पास आकर खड़े हुए द्रमुक के नेता टी आर बालू से कहा कि वह इतने वरिष्ठ सदस्य होने के बाद भी इस तरह नारेबाजी कर रहे सदस्यों के साथ खड़े होकर नए सदस्यों के लिए अच्छा आदर्श प्रस्तुत नहीं कर रहे।
हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने कुछ देर बाद ही कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक स्थगित कर दी।
मानसून सत्र का आज पहला दिन है और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सत्र 13 अगस्त तक चलेगा।
भाषा हक वैभव
हक
2007 1449 संसद