स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में पारदर्शिता के लिए लोकपाल नियुक्त, छात्रों को मिलेगा बीमा कवर
सं, सलीम रवि कांत
- 19 Jul 2026, 06:48 PM
- Updated: 06:48 PM
शाहजहांपुर, 19 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में नवनिर्मित स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय का संचालन शुरू होने के साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लोकपाल की नियुक्ति की गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि प्रवेश लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को दुर्घटना बीमा के साथ स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने रविवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि जिले के 46 से अधिक महाविद्यालयों को स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शुरुआती चरण में ही लोकपाल की नियुक्ति की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रोफेसर ए.के. सरकार को विश्वविद्यालय का लोकपाल नियुक्त किया गया है। वह विश्वविद्यालय के साथ-साथ इससे संबद्ध सभी महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य, शुल्क और अन्य संबंधित मामलों से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण करेंगे।
कुलपति ने दावा किया कि प्रदेश के कुछ विश्वविद्यालयों को छोड़कर अधिकांश विश्वविद्यालयों में अभी लोकपाल की नियुक्ति नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति भी लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में होंगे और कुलपति के खिलाफ शिकायत मिलने पर लोकपाल उसकी जांच कर सकेंगे।
सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध महाविद्यालयों में शुल्क, प्रवेश, शिक्षण कार्य या अन्य किसी विषय से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई लोकपाल करेंगे।
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय को गत आठ मई को विश्वविद्यालय का दर्जा मिला था। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में कुलपति के अलावा रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी की नियुक्ति हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि मुमुक्षु आश्रम परिसर में संचालित दो इंटर कॉलेज, एक संस्कृत कॉलेज, महाविद्यालय और लॉ कॉलेज को मिलाकर विश्वविद्यालय का गठन किया गया है।
कुलपति ने बताया कि प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में इस विश्वविद्यालय में शैक्षिक पाठ्यक्रमों की फीस करीब 40 प्रतिशत और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस करीब 20 प्रतिशत कम रखी गई है, ताकि गरीब परिवारों के विद्यार्थी भी आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।
उन्होंने बताया कि प्रवेश के समय सभी छात्र-छात्राओं को बीमा कवर दिया जाएगा, जिसमें चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता का प्रावधान होगा। उन्होंने कहा कि आमतौर पर अन्य विश्वविद्यालयों में अनहोनी की स्थिति में ही बीमा कंपनियों की ओर से सहायता राशि दी जाती है।
सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना से जिले के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, प्रबंधन और विदेशी भाषाओं की शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।
उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग, प्रबंधन, कृषि और स्वास्थ्य विज्ञान सहित आठ परास्नातक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अलावा जिले में उपलब्ध नहीं होने वाले विदेशी भाषा पाठ्यक्रम भी जल्द शुरू किए जाएंगे।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन आसपास के दो गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगा। इसके तहत विद्यालय समय के बाद विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी बच्चों को शिक्षा प्रदान करेंगे।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रकोष्ठ प्रमुख डॉ. विकास खुराना ने कहा कि शाहजहांपुर में इस विश्वविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ जिले के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
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सं, सलीम रवि कांत
1907 1848 शाहजहांपुर