जो सरकार जवाबदेह नहीं, उसे बदलने के लिए अब संघर्ष शुरू किया जाना चाहिए: उद्धव ठाकरे
प्रशांत
- 19 Jul 2026, 10:23 PM
- Updated: 10:23 PM
मुंबई, 19 जुलाई (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि जो सरकार जवाबदेह नहीं, उसे बदलने के लिए अब लड़ाई शुरू की जानी चाहिए।
ठाकरे ने मुंबई में एक रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं और इससे ''जुड़ी विद्यार्थियों की आत्महत्या'' की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। इन मुद्दों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठे थे।
ठाकरे ने मोदी सरकार को "एक राष्ट्र, एक चुनाव" लागू करने की चुनौती भी दी।
ठाकरे ने सरकार की आलोचना करते हुए यह टिप्पणी संसद का मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले की। हाल में उनकी पार्टी के छह लोकसभा सदस्य पाला बदलकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली प्रतिद्वंद्वी शिवसेना में शामिल हो गए थे।
उन्होंने कहा, " (केंद्रीय शिक्षा मंत्री) धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा एक छोटा मुद्दा है। अब लड़ाई ऐसी सरकार को बदलने की होनी चाहिए, जो रोजगार, शिक्षा और जवाबदेही देने में सक्षम नहीं है।"
ठाकरे ने सवाल किया कि शून्य से नीचे तापमान वाले क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए सौर ऊर्जा से गर्म रहने वाले तंबू बनाने और लद्दाख में पानी की समस्या दूर करने के लिए हिम स्तूप तैयार करने वाले वांगचुक को ''राष्ट्र-विरोधी'' कैसे कहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने 2011 में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान उनसे बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने सवाल किया कि मोदी सरकार ने वांगचुक के मामले में ऐसा क्यों नहीं किया?
उन्होंने शनिवार को दिल्ली पुलिस द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को ले जाए जाने के तरीके को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, "क्या आप किसी आतंकवादी को पकड़ रहे हैं? मोदी सरकार भले ही वांगचुक को चादरों से ढक दे, लेकिन वह सच्चाई को छिपा नहीं सकती।"
वांगचुक को पुलिस ने उनके अनशन के 21वें दिन जबरन सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। वह कथित नीट परीक्षा अनियमितताओं और इस विवाद से जुड़ी छात्रों की कथित मौत के मामलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व वाले प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन पर थे।
ठाकरे ने कहा, "हमें न तो धर्मेंद्र प्रधान चाहिए और न ही यह सरकार।" उन्होंने कहा कि युवाओं में जो आक्रोश दिख रहा है, वह इस सरकार के सत्ता में रहने तक कायम रहना चाहिए।
ठाकरे ने सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए कहा, "यह लड़ाई सिर्फ सोनम वांगचुक की नहीं है। उन्होंने देश का भविष्य छीन लिया है।"
पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने दावा किया कि ऐसी खबरें हैं कि सरकार जंतर-मंतर पर युद्ध जैसी तैयारी कर रही है, जहां कॉजपा के नेतृत्व में प्रदर्शन जारी है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने नीट परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से की होती, तो उसे इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
ठाकरे ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत से पूछा कि देश में जो कुछ हो रहा है, क्या वह उनके कल्पित 'हिंदू राष्ट्र' के अनुरूप है।
भाजपा पर परोक्ष हमला करते हुए ठाकरे ने कहा कि ''लोकतंत्र का खून चूसने वाली जोंकों को हटाने की जरूरत है।''
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा, "हम टुकड़े-टुकड़े हो जाएं, फिर भी भाजपा के गुलाम नहीं बनेंगे।" उन्होंने कहा कि भाजपा को देश बदलने का जनादेश मिला था, लेकिन वह संविधान बदलने में लगी है।
भाषा अमित प्रशांत
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