मेरी देह पर केंद्रित कर खीचीं गयी फोटो ऑनलाइन प्रसारित की गयी: केरल की मंत्री
अविनाश
- 14 Jul 2026, 09:20 PM
- Updated: 09:20 PM
नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 14 जुलाई (भाषा) केरल की मंत्री बिंदु कृष्णा ने मंगलवार को कहा कि उनके स्कूल दौरे के दौरान खींची गई उनकी एक तस्वीर में उनके चेहरे के बजाय शरीर के हिस्से को दिखाया गया और बाद में उसे ऑनलाइन प्रसारित किया गया।
उन्होंने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह इस बात का उदाहरण है कि तस्वीरों का गलत इस्तेमाल लोगों, खासकर महिलाओं, को अपमानित करने के लिए किया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा ने नयी दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि यह घटना इस साल जुलाई में उच्च माध्यमिक कक्षाओं में दाखिले के दौरान हुई थी।
उन्होंने कहा, ''वहां किसी ने मुझे बताया कि मेरी तस्वीर खींची गई है। मुझे पता चला कि मेरे पीछे खड़े एक व्यक्ति ने मेरे चेहरे को नहीं, बल्कि मेरे शरीर को केंद्रित करके तस्वीर ली थी। एक अन्य व्यक्ति ने तुरंत उसे तस्वीर हटाने के लिए कहा। मुझे लगा कि यह मामला आगे नहीं बढ़ेगा, क्योंकि उसे तस्वीर हटाने के लिए कह दिया गया था।''
उन्होंने कहा कि लेकिन बाद में वही तस्वीर सोशल मीडिया पर दिखाई दी।
कृष्णा ने कहा, ''ऑनलाइन पोस्ट की गई तस्वीर में मेरा चेहरा नहीं, बल्कि सिर्फ मेरा शरीर दिख रहा है। आमतौर पर जब किसी व्यक्ति की तस्वीर ली जाती है, तो उसका चेहरा दिखाया जाता है। मंत्री होने के बावजूद मेरी ऐसी तस्वीर खींची गई। हालांकि बाद में वह पोस्ट हटा दिया, लेकिन तब तक उसके स्क्रीनशॉट लिए जा चुके थे और यह मामला स्कूल प्रबंधन के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद यह मुद्दा बन गया।''
मंत्री ने कहा कि वह इस बात से हैरान थीं कि विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ एक सरकारी कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान उनकी ऐसी तस्वीर कैसे ली जा सकती है।
उन्होंने कहा, ''मैंने खुद से पूछा कि जब मैं स्कूली बच्चों और शिक्षकों के बीच मौजूद थी, तब कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर राज्य की मौजूदा मंत्री की इस तरह तस्वीर लेने की हिम्मत कैसे कर सकता है। मैं ऐसी नहीं हूं जो किसी को परेशान करना या धमकाना चाहती है। लेकिन यह मामला हद से आगे बढ़ गया।''
उन्होंने कहा, ''लोग अलग-अलग तरीके से सोचते हैं। हम हर किसी को अपनी बात नहीं समझा सकते। हमें हिम्मत के साथ आगे बढ़ना होगा और अपनी जिंदगी जीनी होगी। एक घटना के कारण जिंदगी खत्म नहीं हो जाती। लेकिन लोग कानून को अपने हाथ में लेने को लेकर भी लगातार बेखौफ होते जा रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि समस्या यह है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कुछ लोग तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करते हैं, उन्हें संपादित करते हैं या इस तरह प्रसारित करते हैं, जिससे किसी की जिंदगी बर्बाद हो सकती है।
उन्होंने कहा, ''महिलाओं को अक्सर इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ता है और पुरुष भी अपमान का शिकार होते हैं। कई पुरुष किसी तरह इससे निपट लेते हैं, लेकिन यह समस्या सभी को प्रभावित करती है। महिलाओं के मामले में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है और सरकार ऐसे मुद्दों से निपटने के लिए पहले ही कदम उठाने की घोषणा कर चुकी है।''
महिलाओं को निशाना बनाकर विवाद पैदा करने वाले ऑनलाइन मंचों के बारे में पूछे जाने पर कृष्णा ने कहा कि सरकार ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के उपायों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
भाषा राजकुमार अविनाश
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