पीओजेके में प्रदर्शन : कार्रवाई के बीच जेएएसी का मुजफ्फराबाद तक मार्च का आह्वान
सुरेश
- 14 Jul 2026, 10:12 PM
- Updated: 10:12 PM
जम्मू, 14 जुलाई (भाषा) पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही 'ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी' (जेएएसी) ने बुधवार को मुजफ्फराबाद तक मार्च का आह्वान किया है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
जेएएसी क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक समूहों का गठबंधन है। सूत्रों के अनुसार, संगठन गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई, ''क्रूर'' सुरक्षा कार्रवाई रोकने, संचार सेवाओं की बहाली और बिजली एवं खाद्य आपूर्ति समेत बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच की मांग कर रहा है।
सूत्रों ने जमीनी जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि पाकिस्तान सरकार को दिया गया अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद मार्च का आह्वान किया गया है। सूत्रों के अनुसार, यदि संगठन की मांगें पूरी नहीं होती हैं तो 15 जुलाई को विभिन्न जिलों से आने वाले काफिले मुजफ्फराबाद में एकत्र हो सकते हैं, जिससे जेएएसी के नेतृत्व में जारी आंदोलन के और तेज होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित मार्च में रावलाकोट, मीरपुर, कोटली, बाग और अन्य जिलों से बड़े पैमाने पर लोगों के शामिल होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार इसके कारण व्यापक बंद और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।
एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि बल प्रयोग की स्थिति में ये प्रदर्शन पीओजेके में राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं, पाकिस्तान के प्रशासनिक नियंत्रण को चुनौती दे सकते हैं और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार ध्यान आकर्षित कर सकते हैं।
जेएएसी ने चेतावनी दी है कि यदि राजनीतिक प्रतिनिधित्व और शासन सुधारों से जुड़ी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह अपने मौजूदा 38-सूत्री मांगपत्र से आगे आंदोलन का विस्तार कर सकती है।
यह 38-सूत्री मांगपत्र 2025 में व्यापक अशांति के बाद पाकिस्तान सरकार के साथ हुए समझौते पर आधारित है। इसमें शरणार्थियों के लिए विधानसभा में आरक्षित सीट को समाप्त करने और गेहूं के आटे की कीमतों में कमी, बिजली दरों में भारी कटौती तथा बेहतर सार्वजनिक सेवाओं जैसे कदमों की मांग शामिल है।
पीओजेके विधानसभा में कुल 53 सीट हैं, जिनमें 45 सीट पर प्रत्यक्ष चुनाव होते हैं और आठ सीट पर सदस्य मनोनीत होते हैं। निर्वाचित 45 सीट में से 12 सीट पाकिस्तान में बसे जम्मू कश्मीर के शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं। इनमें छह सीट कश्मीर घाटी के शरणार्थियों और छह जम्मू क्षेत्र के शरणार्थियों के लिए हैं।
जेएएसी का कहना है कि ये 12 सीट पीओजेके में बसे शरणार्थियों को विधानसभा में अनुचित प्रतिनिधित्व लाभ देती हैं और यह एक प्रमुख विवाद का विषय बना हुआ है।
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने मुजफ्फराबाद के आसपास तैनाती बढ़ा दी है और प्रदर्शनकारियों को राजधानी पहुंचने से रोकने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, बातचीत विफल रहने पर टकराव की आशंका जताई गई है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, बुधवार के मार्च से पहले कई जिलों में आठ बड़े प्रदर्शन हुए। इसके अनुसार, सुधनोटी और मथियाल मेरा में हुई ताजा झड़पों में कथित तौर पर नौ लोगों की मौत हुई, जिनमें एक पाकिस्तान रेंजर भी शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, पांच जून से जारी हिंसा में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 23 आम नागरिक और पांच सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
पीओजेके में धरना, बाजार बंद, सड़क नाकेबंदी और आवश्यक वस्तुओं की कमी की खबरों के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सूत्रों ने बताया कि जेएएसी ने कथित कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी से हस्तक्षेप की अपील भी की है।
भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में जारी प्रदर्शनों को इस्लामाबाद के दशकों लंबे ''व्यवस्थित शोषण और प्रशासनिक दमन'' का ''प्रत्यक्ष परिणाम'' बताया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नयी दिल्ली में एक प्रेस वार्ता में कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उम्मीद करता है कि वह पीओजेके में हो रहे "गंभीर अत्याचारों और गलत कृत्यों" के लिए पाकिस्तान को "पूरी तरह जवाबदेह" ठहराएगा।
भाषा अमित सुरेश
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