सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल को राहत अभियान के जरिए वैश्विक पहचान मिली: आरती सरीन
पवनेश
- 10 Jul 2026, 05:57 PM
- Updated: 05:57 PM
पुणे, 10 जुलाई (भाषा) सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) की महानिदेशक वाइस एडमिरल आरती सरीन ने शुक्रवार को कहा कि वेनेजुएला में भूकंप राहत कार्य के लिए तैनात आर्मी मेडिकल कोर के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल ने ''दुनिया में कहीं भी, कभी भी'' मदद के लिए तैयार रहने के मामले में भारत को पहचान दिलाई है।
सरीन ने सशस्त्र सेना चिकित्सा महाविद्यालय के कैडेट की पासिंग आउट परेड से इतर पत्रकारों से कहा कि भूकंप के कुछ ही घंटों के भीतर 'एयरबोर्न फील्ड हॉस्पिटल' को तैनात कर दिया गया और प्रभावित इलाके में पहुंचते ही इसने तुरंत चिकित्सा मदद उपलब्ध करानी शुरू कर दी।
वेनेजुएला के लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हुए, भारत ने 'ऑपरेशन अमिस्ताद' शुरू किया। इस मानवीय सहायता और आपदा राहत मिशन को विनाशकारी भूकंप के बाद शुरू किया गया।
भूकंप से वेनेजुएला में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा, ''हादसा होते ही वे जितनी तेज़ी से हो सका, वहां से निकल पड़े। आर्मी मेडिकल कोर में हम हमेशा, यानी 24 घंटे, सातों दिन और साल के हर दिन तैयार रहते हैं। इसलिए, हमारी प्रतिक्रिया बहुत तेज़ थी।''
सरीन ने बताया कि टीम ने कई घंटों तक उड़ान भरी, मेज़बान सरकार द्वारा पहले से तय की गई जगह पर अपना अस्पताल स्थापित किया और उपचार उपलब्ध कराना शुरू कर दिया, जिसमें प्राथमिक चिकित्सा और सर्जरी भी शामिल है।
उन्होंने कहा, "वहां के लोग बहुत आभारी हैं, जैसा कि आप सोशल मीडिया पर देख सकते थे। इस बारे में सोशल मीडिया पर कई पोस्ट भी किए गए। उन्होंने शुरुआती प्राथमिक उपचार और कई सर्जरी कीं।"
वाइस एडमिरल सरीन ने कहा कि 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल का मानवीय सहायता अभियानों में एक शानदार इतिहास रहा है, जिसकी शुरुआत 1950 के दशक में कोरिया में इसकी तैनाती से हुई थी।
उन्होंने कहा, ''यह खास इकाई असल में इसी बात के लिए जानी जाती है, और यह पहचान उसे 50 के दशक से ही मिली हुई है, जब इसे कोरिया में तैनात किया गया था। उन्होंने हर उस मिशन में बेहतरीन काम किया है जिस पर वे गए, और देश का नाम बहुत ऊंचा किया है।''
सरीन के अनुसार, इस इकाई को हाल के वर्षों में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय राहत अभियानों में तैनात किया गया है, जिनमें 2023 में तुर्किये में आए भूकंप के बाद 'ऑपरेशन दोस्त', म्यांमा में 'ऑपरेशन ब्रह्मा', दिसंबर 2025 में श्रीलंका के लिए मानवीय मिशन और वेनेजुएला में जारी 'ऑपरेशन अमिस्ताद' शामिल हैं।
भाषा
नेत्रपाल पवनेश
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